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कोच्चि हिट एंड रन केस में बड़ा एक्शन! नाबालिग की कार से मौत के बाद पुलिस कमिश्नर का तबादला

केरल के कोच्चि में एक सड़क हादसे के बाद पुलिस विभाग में बड़ा एक्शन लिया गया है. 17 साल का एक नाबालिग मर्सिडीज कार चला रहा था, जिससे टक्कर लगने से 54 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई.

Shilpa Shrivastava
कोच्चि हिट एंड रन केस में बड़ा एक्शन! नाबालिग की कार से मौत के बाद पुलिस कमिश्नर का तबादला
Courtesy: X

कोच्चि: केरल के कोच्चि में एक सड़क हादसे के बाद पुलिस विभाग में बड़ा एक्शन लिया गया है. 17 साल का एक नाबालिग मर्सिडीज कार चला रहा था, जिससे टक्कर लगने से 54 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई. मामले की जांच चल रही है. शुरुआती जांच में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने के बाद कोच्चि के पुलिस कमिश्नर कालिराज महेश कुमार को पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह आर. निशांतिनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है.

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि यह हादसा रविवार, 25 अक्टूबर की सुबह कोच्चि में हुआ. पुलिस के मुताबिक, मर्सिडीज कार ने पीछे से एक स्कूटर को टक्कर मार दी. हादसे में स्कूटर सवार 54 वर्षीय जयाबालकृष्णन की मौके पर ही मौत हो गई. वह मंजली के रहने वाले थे और खाने का स्टॉल चलाकर अपना परिवार पालते थे.

पुलिस के अनुसार, कार एक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नाम पर रजिस्टर्ड है. इस हादसे के समय उसे उनका 17 वर्षीय बेटा चला रहा था. घटना के बाद किशोर को पुलिस हिरासत में लिया गया. मामले में लापरवाही से वाहन चलाने और मौत का कारण बनने से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.

चार पुलिसकर्मी भी निलंबित:

मामले की शुरुआती जांच के बाद चेरानल्लूर पुलिस स्टेशन के चार अधिकारियों को निलंबित किया गया. इनमें सीआई के.एस. श्याम कुमार, एसएचओ वी.एस. विश्वजीत, ग्रेड एएसआई के.टी. मनोज और एससीपीओ अरुण जोशी शामिल हैं. विधानसभा सत्र के दौरान गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि मामले में किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी. उन्होंने पुलिस की कथित नरमी पर भी नाराजगी जताई.

क्या नाबालिग ने शराब पी रखी थी?

पुलिस की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय किशोर के शराब के नशे में होने के संकेत नहीं मिले. हालांकि, उसके रक्त के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं. अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा. मृतक की भतीजी ने आरोप लगाया कि कार तेज रफ्तार में थी. उनके मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उस पर रखा सामान सड़क पर बिखर गया.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने पुलिस स्टेशन में नाबालिग को गाड़ी चलाने देने पर सवाल उठाया, तो न्यायाधीश ने उनसे कथित तौर पर अपमानजनक लहजे में बात की. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है.