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पति की मौत के 10 दिन बाद टीचर को मिली 12 साल की बकाया सैलरी, जानें हाईकोर्ट ने क्यों सुनाया ये बड़ा फैसला

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया है कि बाकी बचे हुए ₹23 लाख भविष्य निधि के माध्यम से चुकाए जाएंगे. लेखा के पति वी टी शिजो (47) अथिक्कयम वडक्केचारुविल इलाके के रहने वाले थे.

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Mayank Tiwari

केरल के रन्नी शहर में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां अपने बेटे की पढ़ाई के खर्च को लेकर आर्थिक तंगी के कारण अपने पति की दिल दहला देने वाली आत्महत्या के एक हफ्ते से भी ज़्यादा समय बाद, रन्नी की एक टीचर को आखिरकार उसका लंबे समय से रुका हुआ वेतन बकाया मिल गया. दरअसल, नारनम्मुझी के सेंट जोसेफ स्कूल की शिक्षिका लेखा रवींद्रन को 12 साल के बकाया वेतन का एक हिस्सा, ₹29 लाख सीधे उनके बैंक खाते में जमा कर दिए गए.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया है कि बाकी बचे हुए ₹23 लाख भविष्य निधि के माध्यम से चुकाए जाएंगे. लेखा के पति वी टी शिजो (47) अथिक्कयम वडक्केचारुविल निवासी थे और उन्होंने 3 अगस्त को आत्महत्या कर ली. उनकी मौत के बाद, भारी विरोध और आलोचना ने अधिकारियों को वेतन बकाया राशि जारी करने में तेज़ी लाने के लिए मजबूर किया.

जानिए क्या है पूरा मामला?

वहीं, लेखा के पति वी टी शिजो अपने बेटे के इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए धन की व्यवस्था नहीं कर पाए, जिसके कारण उन्हें मानसिक पीड़ा हुई और उन्होंने सुसाइड करने का दुखद फैसला लिया. लेखा के 2012 में सेवा में शामिल होने के बावजूद, उनकी नियुक्ति विवादों में रही, जिससे उनके वेतन और लाभों में देरी हुई. हालांकि, 26 नवंबर, 2024 को केरल हाई कोर्ट के आदेश ने उन्हें देय वेतन और लाभों का मार्ग खोल दिया है. जिसके कारण अब से लेखा को अपने बेटे की पढ़ाई के लिए परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा.