15 साल पुरानी बिल्डिंग... छत से टपकते पानी के बीच छाता लेकर ऑफिस में बैठते हैं कर्मचारी

Karnataka Haveri Tahsildar Office: कर्नाटक के एक सरकारी ऑफिस की हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 15 साल पुरानी सरकारी बिल्डिंग की छत बारिश में टपकने लगती है. ऐसे में सरकारी दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारी अंदर छाता लेकर बैठते हैं. कुछ कर्मचारियों का कहना है कि उनका ध्यान अधिकतर कागजों पर होता है, जिनके भींगने का डर होता है. साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सामान को बचाने पर भी उनका फोकस होता है.

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Karnataka Haveri Tahsildar Office: कर्नाटक में छत से पानी टपकने के कारण हावेरी तहसीलदार कार्यालय के कर्मचारियों को छाता लेकर काम करने के लिए बैठना पड़ता है. दफ्तर में काम करने वाले अधिकतर कर्मचारियों ने तत्काल नई बिल्डिंग की जरूरत बताई है. कहा जा रहा है कि जिस बिल्डिंग में तहसीलदार ऑफिस चल रहा है, वो करीब 15 साल पुरानी है. कई कर्मचारियों के मुताबिक, इस संबंध में कई बार सरकार को जानकारी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

रिपोर्ट के मुताबिक, बारिश के दौरान हावेरी के तहसीलदार ऑफिस के अंदर का नजारा किसी फ़िल्म के सेट जैसा लगता है. लेकिन नज़दीक से देखने पर पता चलता है कि दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारी बारिश के मौसम में एक साथ कई चुनौतियों से जुझते हैं. पानी टपकने वाली छत के नीचे काम करने वाले कर्मचारियों को अधिकतर टाइम छाता पकड़कर बैठना होता है.

टाइम्स ऑफ इंडियाक की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने कहा कि इमारत की मरम्मत की ज़रूरत है. दफ्तर की वायरल एक तस्वीर में महिला कर्मचारी खुद के साथ-साथ ऑफिस के दस्तावेज़ों और कंप्यूटर को भीगने से बचाने के लिए छाता पकड़े हुई देखी जा सकती है. एक वायरल वीडियो में कर्मचारी एक हाथ से कंप्यूटर चलाते हुए और दूसरे हाथ में छाता थामे हुए दिखाई दे रहा है.

राजस्व विभाग के अधिकारी ने राज्य सरकार को ठहराया दोषी

राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने इस 15 साल पुरानी इमारत की अनदेखी करने के लिए सरकार को दोषी ठहराया, जिसे तत्काल मरम्मत कार्य की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि न केवल कागजी दस्तावेज, बल्कि सर्वर रूम में मौजूद कंप्यूटर भी क्षतिग्रस्त होने का खतरा है. 

सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल हुबली के मुताबिक, तहसीलदार ऑफिस की इमारत 2008 में तैयार हो गई थी. लेकिन अब इसकी हालत खराब है. पिछले पांच सालों से छत टपक रही है. हालांकि हमने सरकार को पहले ही सूचित कर दिया है, लेकिन स्थिति को ठीक करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है.

उन्होंने कहा कि समस्या के लिए ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर भी जिम्मेदार हैं. उन्होंने मांग की कि घटिया निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए. इस बीच, हावेरी शहरी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एसएफएन गजीगौद्रा ने मांग की कि तहसीलदार कार्यालय को शहर के बीचों-बीच स्थित पुराने न्यायालय भवन में स्थानांतरित किया जाए.

उधर, तहसीलदार जी शंकर ने कहा कि कार्यालय भवन की छत पर धातु की चादरें लगाने का काम अभी चल रहा है. हावेरी के डिप्टी कमिश्नर विजय महंतेश दानमन्नावर ने कहा कि हमें हावेरी तहसीलदार कार्यालय को पुराने न्यायालय भवन में स्थानांतरित करने की मांग मिली है. हम जल्द ही निर्णय लेंगे.