Karnataka: कर्नाटक सरकार ने पाठ्यपुस्तक में बदलाव को दी मंजूरी, सनातम धर्म पर होगा चैप्टर; फुले-पेरियार भी शामिल
Karnataka government: कर्नाटक सरकार ने क्लास एक से दस तक के लिए पाठ्यपुस्तकों के संशोधन को अपनी मंजूरी दे दी है. नए संशोधन के अनुसार सनातन धर्म पर आधारित चैप्टर को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा.
Karnataka government: कर्नाटक सरकार ने क्लास एक से दस तक के लिए पाठ्यपुस्तकों के संशोधन को अपनी मंजूरी दे दी है. जिसमें महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. नए संशोधन के अनुसार सनातन धर्म पर आधारित चैप्टर को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा. जो पाठ्यक्रम की वैचारिक दिशा में बदलाव के लिए अहम है.
कक्षा 8वीं के इतिहास की पाठ्यपुस्तक में सनातन धर्म की परिभाषा दी जाएगी. राज्य सरकार ने गिरीश कर्नाड, पेरियार और देवनूर महादेव जैसे प्रगतिशील लेखकों को भी पाठ्यक्रम में जगह दिया है. इन लेखकों से जुड़े चैप्टर को रोहित चक्रतीर्थ के नेतृत्व में बनी कमिटी ने हटा दिया था.
जैन और बौद्ध धर्म का परिचय देने वाले नए चैप्टर शामिल
इसके अलावा अलग-अलग क्लास की संशोधित पाठ्यपुस्तकें में संवैधानिक सिद्धांतों, मौलिक कर्तव्यों, मौलिक अधिकारों और लोकतंत्र पर जोर देती हैं. जैन धर्म और बौद्ध धर्म का परिचय देने वाले नए चैप्टर को शामिल किए गए हैं वहीं 'रिलीजन' जैसे कुछ शब्दों को 'धर्म' में बदल दिया गया है. जम्मू, कश्मीर और पूर्वोत्तर के राजवंशों को पाठ्यपुस्तकें से हटाकर नए अध्याय जोड़े गए है.
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टीपू सुल्तान से जुड़े किसी भा चैप्टर शामिल नहीं
कर्नाटक टेक्स्ट बुक सोसायटी ने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी की है. जिसमें क्लास 1-10वीं तक के पाठ्यक्रम में बदलाव की जानकारी साझा की गई है. यह बदलाव 2024-25 के लिए किया गया है. कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के बाद पाठ्यपुस्तकों में किये गए सुधारों को बरकरार रखा गया है. वहीं टीपू सुल्तान से जुड़े किसी भा चैप्टर को शामिल नहीं करने का फैसला किया गया है.
BJP ने सिद्धारमैया सरकार को घेरा
इस फैसले को लेकर बीजेपी कांग्रेस सरकार पर हमलावर है. बीजेपी विधायक और पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री अश्वथ नारायण ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार उन लोगों को लाने की कोशिश कर रही है जो सनातन धर्म के खिलाफ हैं. उन्होंने अपने बयान में आगे कहा कि "वे संविधान और कर्नाटक के लोगों की आस्था और विश्वास का सम्मान नहीं करते हैं.जिसमें हम विश्वास करते हैं. वे अराजकता, भ्रम और ध्रुवीकरण पैदा करना चाहते हैं. वे ऐसे लोगों को लाने की कोशिश कर रहे हैं जो सनातन धर्म के खिलाफ हैं, जो हमारी आस्था के खिलाफ हैं. जिसकी हम निंदा करते हैं. हम कांग्रेस सरकार को बेनकाब करेंगे और जागरूकता पैदा करेंगे. हम पाठ्यक्रम का पुरजोर विरोध करेंगे."