BJP सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने Gen-Z को लेकर दिए अपने विवादित बयान पर सफाई दी है. दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी सभी युवाओं के लिए नहीं थी. कंगना के मुताबिक, उन्होंने केवल युवाओं के एक खास वर्ग और कुछ महिलाओं के संदर्भ में अपनी बात रखी थी.
कंगना ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि जो लोग खुद को ‘कॉकरोच’ बताते हैं, उनके लिए ‘गटर’ शब्द का इस्तेमाल करने में उन्हें कुछ गलत नहीं लगता. उन्होंने कहा कि वह खुद को कॉकरोच नहीं मानतीं और न ही यह स्वीकार करेंगी कि वह गटर में रहती हैं. उनका तर्क था कि यदि कोई व्यक्ति खुद को कॉकरोच कहता है तो उसके गटर में रहने की बात स्वाभाविक रूप से जुड़ती है.
#WATCH | Delhi: BJP MP Kangana Ranaut says, "Those who call themselves cockroaches, and we say that cockroaches emerge from gutters, what is wrong with that? My point is simply this: if people label themselves as cockroaches, and we say the gutter is their home, why should they… pic.twitter.com/TtXiTzgOlP
— ANI (@ANI) August 12, 2026
कंगना ने उन आरोपों को खारिज किया कि उन्होंने पूरी युवा पीढ़ी को गटर से जोड़ दिया. उन्होंने कहा कि नशे, सट्टेबाजी, जुए और डार्क वेब जैसी समस्याओं पर बात करते समय युवाओं के एक विशेष वर्ग को संबोधित करना सभी युवाओं पर टिप्पणी करने के बराबर नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि जब उन्होंने स्पष्ट रूप से कुछ लोगों का जिक्र किया था, तो इसे पूरी Gen-Z पर लागू क्यों किया जा रहा है.
कंगना ने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने के अपने बयान का भी बचाव किया. उन्होंने छात्र प्रदर्शनों को लेकर फिल्म इंडस्ट्री के रवैये पर सवाल उठाया. कंगना ने दावा किया कि उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी थी. उन्होंने झारखंड के बच्चों और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों को लेकर भी फिल्म इंडस्ट्री पर ‘कपटी संवेदना’ दिखाने का आरोप लगाया.
कंगना ने बॉलीवुड के पाकिस्तान से रिश्तों को लेकर भी तीखी टिप्पणी की. उन्होंने सवाल किया कि बॉलीवुड का पाकिस्तान के प्रति कथित आकर्षण आखिर कब खत्म होगा. उनका कहना था कि कुछ मुद्दों पर फिल्म इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया चयनात्मक रही है. उन्होंने इसे अपने पहले के बयानों और मौजूदा विवाद से जोड़कर पेश किया.
कंगना ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. उन्होंने संसद की कार्यवाही और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगने के तरीके पर सवाल उठाते हुए गांधी के व्यवहार को देश का मजाक बताया. उन्होंने दावा किया कि गांधी का मौजूदा कार्यकाल विपक्ष के नेता के रूप में उनका अंतिम कार्यकाल हो सकता है.
कंगना ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार जनता का जनादेश मिला है और विपक्ष की ऐसी मांगों का कोई खास असर नहीं पड़ता. साथ ही उन्होंने गांधी पर अंतरराष्ट्रीय ताकतों के साथ मिलकर देश को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया.