हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना बनेंगी झारखंड की CM! जानें गांडेय MLA सरफराज के इस्तीफे की Inside Story
कभी कांग्रेस और RJD के एक्टिव मेंबर रहे सरफराज अहमद 2019 में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) में शामिल हुए थे. कांग्रेस से टिकट न मिलने के बाद वे नाराज हुए थे और JMM ज्वाइन कर गांडेय विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर तीसरी बार विधायक बने थे.
Kalpana Soren will become Jharkhand CM Know inside story: झारखंड के गोड्डा लोकसभा सीट से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के दावे ने राज्य की राजनीति में गर्माहट ला दी है. निशिकांत दुबे ने दावा किया है कि गांडेय विधानसभा सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के विधायक सरफराज अहमद के इस्तीफे के बाद अब बारी हेमंत सोरेन की है. निशिकांत ने दावा किया कि हेमंत सोरेन जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन झारखंड की अगली मुख्यमंत्री होंगी. अब निशिकांत दुबे के दावों में कितनी सच्चाई है, ये भविष्य की बातें हैं, लेकिन इस कड़ी में बड़ी खबर ये आई है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कल यानी बुधवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है.
कभी कांग्रेस और राजद के एक्टिव मेंबर रहे सरफराज अहमद के इस्तीफे के बाद सवाल उठने लगा कि आखिरकार 2019 में झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल हुए सरफराज ने विधायक पद से इस्तीफा क्यों दिया? क्या सरफराज वाकई में पार्टी से नाराज चल रहे थे या फिर इसके पीछे की कहानी कुछ और है. राजनीति जानकारों की मानें तो सरफराज के इस्तीफे के बाद निशिकांत दुबे के दावों में कुछ तो सच्चाई है. भाजपा का भी दावा है कि सरफराज के इस्तीफे के पीछे की कहानी ये है कि कल्पना को गांडेय सीट से चुनाव लड़ाने के लिए ही सरफराज से इस्तीफा दिलवाया गया है.
फिलहाल, हेमंत सोरेन की पत्नी विधायक नहीं हैं, लेकिन अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो फिर कल्पना को छह महीने के अंदर कहीं किसी सीट से विधायकी जीतनी होगी, जिसके बाद ही वो इस पद पर बरकरार रह सकती हैं. बात की जाए गांडेय विधानसभा सीट की तो यहां अल्पसंख्यकों और आदिवासियों की संख्या ज्यादा है और ये अनारक्षित सीट भी है, इसलिए कल्पना के लिए जेएमएम गांडेय विधानसभा सीट को सेफ मान रही है. सेफ इसलिए भी क्योंकि 1985, 1990, 2000, 2005 और 2019 में झारखंड मुक्ति मोर्चा के ही उम्मीदवारों ने गांडेय सीट से जीत दर्ज की है.
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इस्तीफे के बाद सरफराज अहमद को क्या मिलेगा?
राजनीति के जानकारों के मुताबिक, मई 2024 में झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू का कार्यकाल खत्म हो रहा है. इस सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा सरफराज अहमद को राज्यसभा भेज देगी, जिससे उन्हें विधायकी छोड़ने का ईनाम मिल जाएगा.
सवाल- आखिर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा क्यों देंगे हेमंत सोरेन?
दरअसल, जमीन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हाल ही में 7वां नोटिस जारी किया है. उनकी गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है. ऐसे में भाजपा का दावा है कि अगर उनकी गिरफ्तारी होती है, तो फिर वे अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री पद पर बैठा देंगे. वहीं, झारखंड भाजपा चीफ बाबूलाल मरांडी ने लालू-राबड़ी मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब चारा घोटाला मामले में लालू की गिरफ्तारी हुई तो उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सत्ता की चाबी सौंप दी थी. बाबूलाल मरांडी ने ये भी कहा था कि सोरेन परिवार को किसी और पर भरोसा ही नहीं है, इसलिए वे परिवार के ही किसी सदस्य को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाएंगे.