CM की कुर्सी जाने से नाराज चंपई सोरेन थामेंगे BJP का दामन? विधानसभा चुनाव से पहले JMM के एक नहीं कई विधायक बदलेंगे पाला!

Champai Soren: झारखंड में भी इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने है. विधानसभा चुनाव से पहले ही राज्य के राजनीतिक बाजार गर्म हो गया है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बीजेपी का दामन थामने की खबर आ रही है.

Social Media
India Daily Live

Champai Soren: झारखंड में बड़ा राजनीतिक उलटफेर होने वाला है. सूत्रों के अनुसार सत्ता पर काबिज झारखंड मुक्ति मोर्चा को उसके बड़े दिग्गज नेता बड़ा झटका दे सकते हैं. सूत्रों के हवाले से आई खबर के अनुसार राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. दरअसल, हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद चंपई सोरेन राज्य के मुख्यमंत्री बने थे लेकिन सोरेन के जेल से बाहर आते ही उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसी साल के अंत में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं. उससे पहले राज्य में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. 

सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन अगले एक से दो दिनों में दिल्ली में बीजेपी के बड़े नेताओं से मुलाकात करके भाजपा में शामिल हो सकते हैं. उनके साथ लोबिन हेंब्रम भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. 

नाराज चल रहे हैं चंपई सोरेन

झारखंड के राजनीतिक गलियारों में ऐसी खबरें चल रही हैं कि मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद से ही चंपई सोरेन नाराज चल रहे हैं. जमीन घोटाले मामले में हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद उन्होंने झारखंड के 7वें मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली थी. हालांकि, बाद में हेमंत के जेल से बाहर आने के बाद उन्हें अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी. वह 2 फरवरी से 2024 से लेकर 3 जुलाई 2024 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे. 

चंपई सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के बड़े नेता हैं. वह 7 बार के विधायक हैं. साल 2005 से ही वह सरायकेला विधानसभा से विधायक हैं. 1991 में चंपई पहली बार विधायक बने थे. 

विपक्ष की भूमिका में बीजेपी

JMM वर्तमान में कांग्रेस, CPI-ML और राजद के साथ गठबंधन के माध्यम से झारखंड में सत्ता में है. कांग्रेस के पास 18 सीटें हैं, जबकि CPI-ML और राजद के पास एक-एक सीट है. 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 24 सीटों पर जीत मिली थी. इस समय वह झारखंड में विपक्ष की भूमिका में है. इस बार के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में बड़े राजनीतिक बदलाव की चर्चाओं का बाजार गर्म है.