Jammu Kashmir Cloudburst: किश्तवाड़ और शोपियां में बादल फटने से कोहराम, बाढ़ की भेंट चढ़ीं गाड़ियां; नेशनल हाईवे प्रभावित
जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ और शोपियां में बादल फटने के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए. तेज पानी के बहाव में वाहन बह गए और कई मकानों के साथ एक स्कूल में भी पानी भर गया.
नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बीच शनिवार को हालात और गंभीर हो गए. किश्तवाड़ और शोपियां जिलों में बादल फटने की घटनाओं के बाद कई इलाकों में तेज बहाव और जलभराव की स्थिति बन गई. किश्तवाड़ के चत्रू क्षेत्र में देर रात हुई घटना के बाद बाढ़ के पानी में वाहन बह गए और लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा. प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है. शोपियां के पेहलीपोरा इलाके में भी बादल फटने के बाद पानी और कीचड़ का तेज बहाव देखने को मिला. राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस ने तुरंत बचाव अभियान शुरू कर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है.
किश्तवाड़ में रात के समय आई आफत
किश्तवाड़ जिले के चत्रू इलाके में शुक्रवार देर रात करीब 2:30 बजे बादल फटने की घटना हुई. इसके बाद अचानक तेज पानी का बहाव शुरू हो गया. बहाव इतना तेज था कि कई वाहन उसकी चपेट में आकर बह गए. आसपास की संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है. प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहा है.
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हाईवे पर आवाजाही रोकी गई
बादल फटने और तेज बहाव के बाद एहतियात के तौर पर चत्रू किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. लगातार बारिश के कारण प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
बारिश का असर अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ा
मानसून की लगातार बारिश का असर श्री अमरनाथ यात्रा पर भी दिखाई दे रहा है. बालटाल मार्ग से यात्रा फिलहाल स्थगित कर दी गई है, जबकि पारंपरिक पहलगाम मार्ग पहले से ही बंद है. कई स्थानों पर भूस्खलन होने के कारण मार्ग प्रभावित हुआ है, जिससे यात्रियों की आवाजाही पर असर पड़ा है.
वैष्णो देवी मार्ग बहाल, लेकिन अलर्ट जारी
करीब 12 दिनों बाद वैष्णो देवी के बैटरी कार मार्ग पर यात्रा फिर से शुरू कर दी गई है. हालांकि त्रिकुटा पर्वत क्षेत्र में बादल छाए रहने और बारिश के कारण कटड़ा सांझीछत हेलीकॉप्टर सेवा पूरे दिन प्रभावित रही. मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने 4 अगस्त तक जम्मू संभाग के करीब 10 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.