Jammu Flood Rescue Ops: पानी-पानी हुआ जम्मू-पंजाब, वायुसेना का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, हेलीकॉप्टरों ने बचाई हजारों की जान

जम्मू और पंजाब में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. भारतीय वायुसेना ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू करते हुए हेलीकॉप्टर और परिवहन विमान तैनात किए हैं. अब तक हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और कई टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से पहुंचाई गई है.

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Babli Rautela

Jammu Flood Rescue Ops: जम्मू और पंजाब में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात को और गंभीर बना दिया है. निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भरने से हजारों लोग फंस गए थे. इस स्थिति से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है. रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को इसकी पुष्टि की है.

मंत्रालय के जारी किए बयान में कहा गया कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए उत्तरी सेक्टर बेस से पांच Mi-17 हेलीकॉप्टर और एक चिनूक तैनात किए गए हैं. बढ़ते पानी और बिगड़ते जमीनी हालात को देखते हुए जरूरत पड़ने पर और हेलीकॉप्टर भी इस्तेमाल के लिए तैयार रखे गए हैं.

वायुसेना का मेगा ऑपरेशन

बचाव कार्य को मजबूत करने के लिए बुधवार को ही NDRF की एक टीम और जरूरी राहत सामग्री लेकर C-130 परिवहन विमान जम्मू पहुंचा थी. मंत्रालय ने बताया कि फिक्स्ड-विंग विमान भी लगातार रसद आपूर्ति के लिए तैयार रखे गए हैं. 

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पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को लगातार चौथे दिन मूसलाधार बारिश होने के कारण जम्मू और पंजाब के कई हिस्सों के निचले इलाकों से पहले ही हजारों निवासियों को निकाला जा चुका है. गांव और कस्बों के बड़े हिस्से जलमग्न हो चुके हैं, जिसके चलते तत्काल बचाव अभियान शुरू करना पड़ा.

ऑपरेशन अखनूर में सफलता

जम्मू के ऑपरेशन अखनूर के दौरान भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 12 सैन्य कर्मियों और बीएसएफ के 11 जवानों को सुरक्षित निकाला गया है. इनमें तीन बीएसएफ महिला कांस्टेबल भी शामिल थीं. पंजाब के पठानकोट जिले में भी राहत अभियान तेज किया गया था. यहां फंसे 46 नागरिकों को हेलीकॉप्टरों की मदद से बाहर निकाला गया है. साथ ही भोजन और स्वच्छ पेयजल समेत 750 किलोग्राम से अधिक राहत सामग्री प्रभावित गांवों तक हवाई मार्ग से पहुंचाई गई है.

डेरा बाबा नानक में चलाए गए एक जोखिम वाले अभियान में 38 सैन्य कर्मियों और 10 बीएसएफ जवानों को बेहद कठिन परिस्थितियों में सुरक्षित बचाया गया है. इस अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है.