Jnanpith Award : जगद्गुरु रामभद्राचार्य समेत इस उर्दू साहित्यकार को मिलेगा ज्ञानपीठ पुरस्कार
Jnanpith Award : ज्ञानपीठ समिति ने प्रसिद्ध उर्दू साहित्यकार गुलजार और जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य को ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिए चयनित किया है.
Jnanpith Award : संस्कृत विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य और उर्दू कवि व गीतकार गुलजार को ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है. ज्ञानपीठ पुरस्कार चयन समिति ने 17 फरवरी दिन शनिवार को इसकी घोषणा की है.
हिंदी सिनेमा में गुलजार को उर्दू कवि के रूप में जाना जाता है. उर्दू में अपने काम के लिए उनको 2022 में साहित्य अकादमी पुरस्कार, 2013 में दादा साहब फाल्के व 2004 में पद्मभूषण से सम्मानित किया जा चुका है. इसके साथ ही गुलजार को पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से भी नवाजा गया है. वहीं, चित्रकूट में तुलसी पीठ के संस्थापक और प्रमुख जगद्गुरु रामभद्राचार्य एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु हैं. इन्होंने 100 से अधिक पुस्तकों को लिखा है. साल 2015 में भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने स्वामी रामभद्राचार्य को पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया था. स्वामी रामभद्राचार्य 22 भाषाओं में पारंगत और बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं.
क्यों दिया जाता है यह पुरस्कार?
ज्ञानपीठ चयन समिति ने एक बयान में बताया कि 'यह पुरस्कार 2023 के लिए दो भाषाओं के प्रतिष्ठित लेखकों को देने का निर्णय लिया गया है. संस्कृत के साहित्यकार जगद्गुरु की उपाधि से सम्मानित रामभद्राचार्य और प्रसिद्ध उर्दू साहित्यकार गुलजार का चय इस पुरस्कार के लिए किया गया है.' साल 2022 में यह पुरस्कार गोवा के लेखक मावजो के मिला था.