बाल-बाल बची इंडिगो फ्लाइट, एयरस्पेस बंद होने से पहले ईरान से बाहर निकला जॉर्जिया से दिल्ली आ रहा विमान

ईरान ने अचानक अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया. बंद होने से पहले जॉर्जिया से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट आखिरी गैर ईरानी विमान थी. भारतीय एयरलाइंस ने उड़ानों में बाधा की चेतावनी दी है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: ईरान में बढ़ती अशांति के बीच गुरुवार तड़के अचानक हवाई क्षेत्र बंद किए जाने से वैश्विक विमानन में हड़कंप मच गया. इस फैसले से ठीक पहले जॉर्जिया के त्बिलिसी से दिल्ली आ रही इंडिगो की एक उड़ान ईरानी आसमान से गुजरने वाली आखिरी गैर ईरानी फ्लाइट रही. हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने यात्रियों को संभावित देरी और रद्दीकरण को लेकर सतर्क किया है.

लाइव फ्लाइट ट्रैकिंग साइट फ्लाइटरडार24 के अनुसार इंडिगो की फ्लाइट 6E1808 ने बुधवार सुबह 11.29 बजे त्बिलिसी से उड़ान भरी और गुरुवार सुबह 7.03 बजे दिल्ली में लैंड की. यह विमान करीब 2.35 बजे ईरानी हवाई क्षेत्र से गुजरा. इसके कुछ ही देर बाद ईरान ने नोटिस टू एयरमैन जारी कर अपना एयरस्पेस बंद कर दिया.

अचानक क्यों बंद हुआ हवाई क्षेत्र?

ईरान ने बिना कोई स्पष्ट वजह बताए गुरुवार तड़के वाणिज्यिक उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया. शुरुआत में यह रोक चार घंटे के लिए थी, जिसे बाद में बढ़ा दिया गया. इस दौरान केवल सीमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को ही अनुमति दी गई. आदेश से पहले ही ईरान और इराक के ऊपर आसमान तेजी से खाली होता देखा गया.

भारतीय एयरलाइंस की चेतावनी

हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने यात्रियों को अलर्ट जारी किया. इंडिगो ने कहा कि उसकी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं और यात्रियों को रीबुकिंग या रिफंड का विकल्प दिया जा रहा है. एयर इंडिया ने बताया कि कई उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है, जिससे देरी हो सकती है, जबकि कुछ उड़ानें रद्द की गई हैं.

वैश्विक विमानन पर असर

ईरान का भौगोलिक स्थान पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाले प्रमुख हवाई मार्ग पर है. इसी वजह से उसके एयरस्पेस के बंद होते ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को उत्तर और दक्षिण की ओर मोड़ना पड़ा. इससे उड़ान समय और ईंधन लागत दोनों बढ़ गई हैं. इससे पहले भी ईरान ने इजरायल के साथ संघर्ष और गाजा युद्ध के दौरान हवाई क्षेत्र बंद किया था.

संभावित हमले की अटकलें तेज

ईरान में 28 दिसंबर से जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक 2,400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. सरकार की सख्त कार्रवाई के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने सबसे बड़े सैन्य अड्डे से कुछ सैनिकों को हटाया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ तो पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा. इन घटनाओं से तेहरान पर संभावित हमले की अटकलें तेज हो गई हैं.