POK में आतंकी ढांचे का खतरनाक विस्तार, मस्जिद की आड़ में LeT बना रहा नए ठिकाने

खुफिया एजेंसियों ने पीओके में लश्कर-ए-तैयबा की नई आतंकी संरचनाओं पर चिंता जताई है. नीलम घाटी समेत कई इलाकों में धार्मिक ढांचे की आड़ में कमांड सेंटर बनाए जा रहे हैं.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली में खुफिया एजेंसियां पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचे के तेजी से विस्तार को लेकर सतर्क हो गई हैं. सैटेलाइट तस्वीरों और जमीनी सूचनाओं से सामने आया है कि लश्कर-ए-तैयबा पीओके के कई इलाकों में कथित धार्मिक परिसरों के नाम पर दोहरे उपयोग वाली सुविधाएं खड़ी कर रहा है. 

इन संरचनाओं को मस्जिद के रूप में दिखाया जा रहा है, लेकिन असल मकसद आतंकी गतिविधियों के लिए कमांड और लॉन्चपैड तैयार करना बताया जा रहा है.

नीलम घाटी में नया ‘ड्यूल-यूज’ सेंटर

खुफिया सूत्रों के अनुसार नीलम घाटी जिले के शारदा इलाके में एक नया परिसर बनाया जा रहा है, जिसका नाम 'जामिया मस्जिद इब्न तैयमियाह वा मरकज' रखा गया है. नवंबर से इस निर्माण कार्य में तेजी आई है. एजेंसियों का कहना है कि यह ढांचा धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ आतंकी कमांड और नियंत्रण केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में खतरा बढ़ गया है.

लश्कर नेतृत्व की सक्रिय मौजूदगी

इस परियोजना की अहमियत इस बात से भी समझी जा रही है कि हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा के पीओके यूनिट के डिप्टी रिजवान हनीफ ने नीलम घाटी स्थित साइट का दौरा कर निरीक्षण किया. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, यह दौरा केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि निर्माण की प्रगति और भविष्य की रणनीति को लेकर अहम निर्देश दिए गए.

पीओके में चार बड़े मरकज तैयार

एजेंसियों का दावा है कि नीलम घाटी वाला यह केंद्र पीओके में बन रहे चार बड़े मरकज में से एक है. अन्य तीन ढांचे धीरकोट (बाग), खैगला (रावलाकोट) और पलांदरी (सुधनोटी) में तैयार किए जा रहे हैं. इन सभी परियोजनाओं से संकेत मिलता है कि लश्कर सुनियोजित तरीके से पूरे क्षेत्र में अपना वैचारिक और लॉजिस्टिक नेटवर्क मजबूत कर रहा है.

छोटे ढांचों की नई रणनीति

सूत्रों के अनुसार लश्कर अब एक बड़े केंद्रीकृत मरकज के बजाय कई छोटे ढांचे खड़े करने की रणनीति अपना रहा है. रावलाकोट इस समय आतंकी ढांचों का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है. भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर में कई लॉन्चपैड नष्ट किए जाने के बाद लश्कर ने अपने संसाधनों का बड़ा हिस्सा खैबर पख्तूनख्वा और पीओके के अंदरूनी इलाकों में शिफ्ट कर दिया है.

मस्जिद की आड़ में लॉन्चपैड

खैगला इलाके में बन रही एक विशाल इमारत को अल-अक्सा मरकज नाम दिया गया है. लश्कर इसे मस्जिद के रूप में प्रचारित कर रहा है, लेकिन एजेंसियों का कहना है कि यह एक लॉन्चपैड के तौर पर काम करेगी. हाल ही में लश्कर के पीओके प्रवक्ता आमिर जिया ने एक वीडियो में इसे पहले मस्जिद कहा, लेकिन बातचीत के दौरान गलती से इसे मरकज कह दिया, जिससे एजेंसियों के संदेह और गहरे हो गए हैं.