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'भीड़ ने होटल में आग लगा दी, मेरे पीछे लाठी लेकर खड़ी थी', नेपाल में फंसी भारतीय महिला ने लगाई मदद की गुहार....

एक वीडियो में उपासना गिल को नेपाल में जेन जेड के विरोध प्रदर्शन के बीच भारत सरकार से मदद की अपील करते हुए दैखा गया है, जहां उनके होटल में आग लगा दी गई थी, जिससे वह फंस गई थीं.

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Mayank Tiwari

नेपाल के पोखरा से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें भारतीय महिला उपासना गिल प्रदर्शनकारियों के हमले से बचने की गुहार लगा रही हैं. जेन जेड आंदोलन के दौरान यह घटना हुई, जिसमें सरकार के सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन भ्रष्टाचार और राजनीतिक नेतृत्व की उदासीनता के खिलाफ बड़े आंदोलन में बदल गया. उपासना ने बताया कि वह वॉलीबॉल लीग आयोजित करने के लिए नेपाल आई थीं, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनके होटल में आग लगा दी. 

सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम में वायरल हो रहे वीडियों में भारतीय महिला ने कहा,'' “मेरा नाम उपासना गिल है, और मैं यह वीडियो प्रफुल गर्ग को भेज रही हूँ. मैं भारतीय दूतावास से अनुरोध करती हूँ कि कृपया हमारी मदद करें. जो भी हमारी मदद कर सकता है, कृपया मदद करें. मैं नेपाल के पोखरा में फंसी हुई हूँ. मैं वॉलीबॉल लीग आयोजित करने आई थी, और जिस होटल में मैं ठहरी थी, उसे जला दिया गया. मेरा सारा सामान, सारा सामान मेरे कमरे में था, और पूरा होटल आग के हवाले हो गया. मैं स्पा में थी, और लोग मेरे पीछे बड़े-बड़े डंडों के साथ दौड़ रहे थे, और मैंने किसी तरह अपनी जान बचाई.”

पोखरा में भारतीय महिला की मदद की गुहार

भारतीय महिला उपासना गिल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पर्यटकों को भी नहीं बख्शा. “यहाँ का हाल बहुत खराब है. सड़कों पर हर जगह आग लगाई जा रही है. वे यहाँ पर्यटकों को भी नहीं बख्श रहे. उन्हें इसकी परवाह नहीं कि कोई पर्यटक है या काम के लिए आया है. वे बिना सोचे-विचारे हर जगह आग लगा रहे हैं, और स्थिति बहुत-बहुत खराब हो गई है. हम नहीं जानते कि दूसरे होटल में कितने दिन रहेंगे. लेकिन मैं भारतीय दूतावास से हाथ जोड़कर अनुरोध करती हूँ कि कृपया यह वीडियो, यह मैसेज उन्हें पहुंचाएँ. मैं सभी से हाथ जोड़कर प्रार्थना करती हूँ, कृपया हमारी मदद करें. मेरे साथ कई लोग हैं, और हम सभी यहाँ फंसे हुए हैं.”

जेन जेड आंदोलन और सत्ता पर प्रभाव 

नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ जेन जेड प्रदर्शन अब बड़ा आंदोलन बन गया है, जिसमें प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और राजनीतिक अभिजात वर्ग पर भ्रष्टाचार और आम जनता की उपेक्षा के आरोप लगाए जा रहे हैं. भारी विरोध प्रदर्शन के दबाव में ओली ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया प्रतिबंध हटाने के बाद भी मंगलवार को फिर इस्तीफा दे दिया. प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों पर हमला किया और संसद भवन समेत कई बड़े नेताओं के घरों में आग लगा दी, जिसमें सोमवार को 19 लोगों की मौत हो गई.

जानिए भारतीय दूतावास ने क्या एडवाइजरी जारी की!  

काठमांडू में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा स्थगित करने की सलाह जारी की है. दूतावास ने एक एक्स पोस्ट में लिखा, "नेपाल में सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे निम्नलिखित टेलीफोन नंबरों को नोट करें, जिस पर भारतीय दूतावास, काठमांडू से संपर्क किया जा सकता है, यदि वे किसी आपात स्थिति का सामना कर रहे हैं या मदद की जरुरत है: 977 - 980 860 2881, 977 - 981 032 6134." विदेश मंत्रालय ने नागरिकों को वर्तमान आवास में रहने, सड़कों पर न निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दी. मंत्रालय ने कहा, “नेपाल में चल रहे हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को वहाँ यात्रा रद्द करने की सलाह दी जाती है. 

उन्होंने आगे कहा, “वे नेपाल प्राधिकरणों और भारतीय दूतावास, काठमांडू की स्थानीय सुरक्षा सलाहों का भी पालन करें. किसी भी मदद के लिए कृपया भारतीय दूतावास, काठमांडू पर निम्न हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करें: 977 - 980 860 2881 (व्हाट्सएप कॉल भी), 977 - 981 032 6134 (व्हाट्सएप कॉल भी) कर सकते हैं.

नेपाल से लौट रहे भारतीय टूरिस्ट

उत्तर प्रदेश के महराजगंज में सोनौली बार्डर पर बुधवार (10 सितंबर) को भारतीय पर्यटकों की भीड़ देखी गई, जो नेपाल में बढ़ते अशांति के कारण अपनी यात्रा छोट कर घर लौट रहे हैं. प्रमिला सक्सेना, जो नेपाल के काठमांडू में पशुपतिनाथ मंदिर जाने की योजना बना रही थीं, उन्होंने कहा, "हम भोपाल (MP) से पशुपतिनाथ मंदिर जाने वाले थे. हमने फ्लाइट बोर्ड की थी, लेकिन उसे रद्द कर दिया गया. इसलिए हमने विमान से उतर लिया. वहाँ का माहौल तनावपूर्ण है. हमें पार करने की अनुमति नहीं है. हवाई अड्डा बंद है. इसलिए हम वापस आ गए. हम 60 लोगों का समूह थे - सभी वरिष्ठ नागरिक. हम हवाई अड्डे से लौट रहे हैं."

एक अन्य पर्यटक अशोक ने बताया, "हम काठमांडू, पशुपतिनाथ मंदिर जाने वाले थे. लेकिन फ्लाइट रद्द हो गई. हमें रात भर एक लॉज में रुकना पड़ा, और अब हम घर लौट रहे हैं." इस बीच, नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों से जेन जेड आंदोलन को शांतिपूर्ण संवाद के माध्यम से हल करने की अपील की है.