US Israel Iran War

'हमले की निंदा करते हैं...,'  होर्मुज स्ट्रेट में गुजरात आ रहे जहाज पर हमला, भारत के विदेश मंत्रालय ने जताई नाराजगी

भारत के विदेश मंत्रालय ने होर्मुज स्ट्रेट में गुजरात आ रहे जहाज पर ईरानी हमले की कड़ी निंदा की है...

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Ashutosh Rai

Iran Israel War: पश्चिम एशिया में लगातार गहराते सैन्य संघर्ष और तनाव के बीच समुद्री व्यापार पर एक बड़ा संकट मंडरा रहा है. भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार शाम को होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक थाई व्यापारिक जहाज 'मयूरी नारी' पर हुए खतरनाक हमले की कड़ी निंदा की है. जानकारी के अनुसार, यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के खलीफा पोर्ट से अपनी यात्रा शुरू कर भारत के गुजरात स्थित कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था. भारत ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि युद्ध की स्थिति में कमर्शियल जहाजों और निर्दोष क्रू सदस्यों को निशाना बनाना किसी भी सूरत में सही नहीं है और ऐसे कृत्यों से हर हाल में बचा जाना चाहिए.

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हमले की ली जिम्मेदारी

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है. उन्होंने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि इस थाईलैंड के झंडे वाले व्यापारिक जहाज पर उन्होंने ही प्रोजेक्टाइल दागे हैं. यह हमला उस वक्त हुआ जब जहाज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और संकरे तेल व्यापारिक मार्ग, होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजर रहा था.

रॉयल थाई नेवी ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि प्रोजेक्टाइल की सीधी टक्कर के बाद जहाज के हल और ऊपरी ढांचे से भयंकर धुआं निकलता हुआ देखा गया.

20 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला

हमले का शिकार हुआ मयूरी नारी एक विशालकाय बल्क कैरियर है, जिसकी लंबाई 178 मीटर और डिस्प्लेसमेंट लगभग 30,000 टन है. इस जानलेवा हमले के बाद क्रू सदस्यों को अपनी जान बचाने के लिए जहाज छोड़कर पानी में उतरना पड़ा. राहत और बचाव कार्य के दौरान अधिकारियों ने पानी से 20 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है.

हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, चालक दल के तीन सदस्य अभी भी लापता हैं. आशंका जताई जा रही है कि ये तीनों लोग जहाज के इंजन रूम में ही फंसे हुए हो सकते हैं, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान अभी भी जारी है.

भारत सरकार ने गहरा दुख जताया

भारत सरकार ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए पश्चिम एशिया के हालात पर गंभीर चिंता जाहिर की है. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में याद दिलाया कि इस संघर्ष में पहले भी कमर्शियल शिपिंग को लगातार सैन्य हमलों का शिकार बनाया गया है, जिसमें भारतीय नागरिकों सहित कई अनमोल जानें जा चुकी हैं.

मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि इन हमलों की गति और जानलेवा क्षमता खतरनाक रूप से बढ़ती जा रही है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार और निर्दोष लोगों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है.