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'SEBI की हो ऐतिहासिक जांच,' इंडिया ब्लॉक की मांग, हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर क्यों बरपा है हंगमा?

हिंडनबर्ग पर इंडिया ब्लॉक और एनडीए सरकार में ठन गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश ने कहा है कि SEBI की ऐतिहासिक जांच होनी चाहिए. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच पर गंभीर आरोप लगाए हैं. विपक्षी दलों का मानना है कि अडानी ग्रुप के खिलाफ संयुक्त पार्लियामेंट्री जांच होनी चाहिए. भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को खारिज किया है. बीजेपी का कहना है कि भारत के अर्थतंत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही है.

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सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच नए सियासी जंग की वजह बन गया है. अमेरिका की एक शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस पार्टी ने उनके खिलाफ तत्काल एक्शन लेने की मांग की है, वहीं अडानी ग्रुप की भूमिका पर एक संयुक्त संसदीय कमेटी की जांच की मांग की है. कांग्रेस समेत दूसरी विपक्षी पार्टियों का दावा है इस केस में कई सीनियर अधिकारी शामिल हैं, जिनके खिलाफ जांच होनी चाहिए.

हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि माधबी बुच और उनके पति के कई ऑफशोर फंड हैं जिनका कनेक्शन अडानी मनी सिफोनिंग स्कैंडल से जुड़ा है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि अडानी का कनेक्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा हुआ है, वे उनके नजीदीकी सहयोगी हैं. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि सेबी ने सुप्रीम कोर्ट में यह दिया है कि अडानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोगी हैं. मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया है कि माधबी बुच ने पूरे प्रकरण में सौदेबाजी की है. हालांकि उन्होंने सारे आरोपों का खंडन किया है. 

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है, 'लघु और मझोले निवेशक, जो मध्यमवर्ग से आते हैं, उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से स्टॉक मार्केट में निवेश किया है. इसकी हर हाल में सुरक्षा होनी चाहिए. एक संयुक्त संसदीय समिति इसकी जांच करे, जिससे इतने बड़े स्कैंडल का पर्दाफाश हो सके. जब तक यह नहीं होता है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सहयोगियों को बचाते रहेंगे. भारत की संवैधानिक संस्थाओं के हित प्रभावित हुए हैं, विश्वसनीयता दांव पर है.'

क्या हैं माधबी बुच पर आरोप?

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच की ऐसी ऑफशोर कंपनियों में हिस्सेदारी है जो अडानी ग्रुप की वित्तीय धांधली से जुड़ी हुई है. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर माधबी बुच ने अपनी सफाई पेश की है और कहा है कि उन पर फर्जी के आरोप लगाए जा रहे हैं. सेबी ने भी अपनी सफाई में कहा है कि हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट में एक डिस्क्लेमर शामिल है, जिसमें कहा गया है कि कंपनी जिन बॉन्ड्स की चर्चा कर रही है, उनमें शॉर्ट पोजिशन रख सकती है. ये सारे आरोप झूठे हैं और दुर्भावनापूर्ण हैं.