IPL 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

Independence Day 2025: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गूगल ने बनाया स्पेशल डूडल, ट्रेडिशनल टाइल्स के साथ सेलिब्रेट किया भारत की आजादी का जश्न

गूगल ने भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस को एक विशेष डूडल के साथ चिह्नित किया, जो देश भर के पारंपरिक टाइल डिजाइनों से प्रेरित है, जिसमें जयपुर की नीली मिट्टी के बर्तन और पश्चिम बंगाल का टेराकोटा राहत कार्य शामिल है.

Princy Sharma

Independence Day 2025: आज शुक्रवार को गूगल ने देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में भारत के पारंपरिक टाइल डिजाइनों से प्रेरित एक आकर्षक डूडल का अनावरण किया. डूडल में जयपुर की नीली मिट्टी के बर्तनों से लेकर पश्चिम बंगाल के टेराकोटा राहत कार्यों तक जैसी चीजें नजर आ रही है.

इस डिजिटल कलाकृति में रचनात्मक रूप से ऐसे विषय शामिल हैं जो अंतरिक्ष अन्वेषण, क्रिकेट, शतरंज और सिनेमा में भारत की उपलब्धियों को उजागर करते हैं. 'गूगल' शब्द के अक्षर छह विशिष्ट रूप से डिजाइन की गई टाइलों से बने हैं, जिनमें से प्रत्येक भारत के विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट शैली को दर्शाता है.

स्वतंत्रता दिवस 2025 गूगल डूडल

  • पहली टाइल राजस्थान के जयपुरी नीले मिट्टी के बर्तनों से प्रेरित है, जिसमें पुष्प रूपांकनों से घिरे एक पारंपरिक फॉन्ट में 'G' अक्षर अंकित है.
  • दूसरी टाइल पुष्प पैटर्न और एक अंतरिक्ष यान की छवि से सुसज्जित है.
  • तीसरी टाइल को एक पारंपरिक डिजाइन और दो क्रिकेट बैटों से घिरी एक क्रिकेट गेंद से सजाया गया है.
  • चौथी टाइल एक और अनूठी पारंपरिक भारतीय टाइल डिजाइन का प्रतिनिधित्व करती है.
  • पांचवीं टाइल के बीच में एक शतरंज का मोहरा दिखाया गया है.
  • छठी टाइल पर 'L' और 'E' अक्षरों से बनी एक सिनेमा रील है.

कलाकृति के पीछे की कहानी

बूमरैंग स्टूडियो के कलाकार मकरंद नारकर और सोनल वासवे द्वारा बनाया गया यह डूडल पारंपरिक टाइल कला के माध्यम से भारत की चिरस्थायी कलात्मक विरासत को श्रद्धांजलि देता है. डूडल पृष्ठ पर Google के नोट के अनुसार, टाइलों में राजस्थान के जयपुर ब्लू पॉटरी से लेकर पश्चिम बंगाल की टेराकोटा रिलीफ तक, भारत भर की विभिन्न शैलियों और बनावटों को दर्शाया गया है. प्रत्येक टाइल न केवल एक क्षेत्रीय कला शैली को दर्शाती है, बल्कि अंतरिक्ष मिशन, विश्व शतरंज खिताब, क्रिकेट जीत और वैश्विक फिल्म पहचान जैसे राष्ट्रीय मील के पत्थर का भी जश्न मनाती है.

देश भर में उत्सव

इस दिन, नागरिक समारोहों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और देशभक्ति के प्रदर्शन के माध्यम से अपनी स्वतंत्रता और गौरव का इजहार करते हैं. पूरे भारत में, ध्वजारोहण समारोह आयोजित किए जाते हैं, साथ ही देशभक्ति के गीत, नाटक और नृत्य भी प्रस्तुत किए जाते हैं. घरों और गलियों को राष्ट्रीय ध्वज से सजाया जाता है, जबकि रंग-बिरंगी पतंगें आसमान में स्वतंत्रता का प्रतीक बनकर छा जाती हैं. यह उत्सव भारत के अतीत का सम्मान करता है और इसके भविष्य की आशा करता है.