हिमाचल, राजस्थान के बाद अब हरियाणा में 'झूठे वादे'! क्या कांग्रेस को भारी पड़ेगी वादाखिलाफी?
Haryana Assembly Elections 2024: हरियाणा में 90 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस 89 पर चुनाव लड़ रही है. जबकि भिवानी सीट सीपीआई के लिए छोड़ी गई है. बहुमत का आंकड़ा 46 सीटों पर है. कांग्रेस एक बाद दशक बाद सत्ता में वापसी के लिए कई वादे कर रही है. हालांकि अधूरे वादों का उनका ट्रैक रिकॉर्ड उनके प्रयासों में बाधा बन सकता है.
Haryana Assembly Elections 2024: हरियाणा में विधानसभा चुनाव नजदीक है. यहां 5 अक्टूबर को मतदान और 8 अक्टूबर को वोटों की गिनती होनी है. कांग्रेस एक बाद दशक बाद सत्ता में वापसी के लिए कई वादे कर रही है. हालांकि अधूरे वादों का उनका ट्रैक रिकॉर्ड उनके प्रयासों में बाधा बन सकता है. यहां कुल 90 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस 89 पर चुनाव लड़ रही है. जबकि भिवानी सीट सीपीआई के लिए छोड़ी गई है. बहुमत का आंकड़ा 46 सीटों पर है.
वहीं राजस्थान में किसानों के कर्ज माफ करने के वादे को पूरा न कर पाना कांग्रेस के लिए बड़ा मुद्दा रहा है. 26 नवंबर को पोखरण में एक चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी ने आश्वासन दिया था कि अगर कांग्रेस 2018 के विधानसभा चुनाव जीतती है तो दस दिनों के भीतर किसानों के कर्ज माफ कर दिए जाएंगे. सरकार बनाने के बावजूद यह वादा पूरा नहीं हुआ, जिससे 2023 में भाजपा की जीत हुई.
कांग्रेस का अधूरा वादा
हिमाचल प्रदेश में भी राजस्थान की तरह ही स्थिति है. नवंबर 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की दस गारंटियों ने उसे सत्ता में लाने में मदद की. प्रियंका गांधी ने पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था. हालांकि जनवरी 2023 में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की कैबिनेट की पहली बैठक के बाद से यह वादा अधूरा है.
सीमित रह गई कांग्रेस की योजनाएं
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में एक और अधूरा वादा महिलाओं को 1500 रूपये मासिक पेंशन देने का था. कुल 75 लाख की आबादी में से लगभग 36.9 लाख महिलाओं की आबादी के साथ यह वादा महत्वपूर्ण था. हालांकि कांग्रेस ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना शुरू की लेकिन उसने ऐसी शर्तें लगाई जिससे इसकी पहुंच सीमित हो गई.
हरियाणा विधानसभा को भंग करने का आरोप
बता दें कि आप ने हरियाणा चुनाव के लिए नौ उम्मीदवारों की अपनी पांचवीं सूची भी जारी कर दी है. इस बीच कांग्रेस ने बीजेपी पर अपने बहुमत की कमी को छिपाने के लिए हरियाणा विधानसभा को भंग करने का आरोप लगाया है. पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह चौटाला ने कांग्रेस के भीतर आंतरिक दरार और जेजेपी को जनता का समर्थन मिलने का दावा किया है.