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पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में भारतीय विमानों की एंट्री पर रोक, एयरलाइन कंपनियों पर क्या होगा असर?

गुरुवार को पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने की घोषणा की. अब दिल्ली और उत्तरी शहरों से प्रस्थान करने वाली उड़ानों को अरब सागर के ऊपर से लंबे वैकल्पिक मार्ग लेने होंगे.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में भारतीय विमानों की एंट्री पर रोक, एयरलाइन कंपनियों पर क्या होगा असर?

पाकिस्तान ने गुरुवार को भारतीय एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने की घोषणा की. यह प्रतिबंध भारत में पंजीकृत सभी विमानों और भारतीय ऑपरेटरों द्वारा स्वामित्व या किराए पर लिए गए विमानों पर लागू है. इस फैसले से दिल्ली और उत्तरी शहरों से शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी और किराए में 8-12% की वृद्धि की आशंका है.

उड़ानों पर प्रभाव
एयर इंडिया और इंडिगो ने पुष्टि की कि उनके अंतरराष्ट्रीय उड़ान शेड्यूल प्रभावित होंगे. दिल्ली और उत्तरी शहरों से प्रस्थान करने वाली उड़ानों को अब अरब सागर के ऊपर से लंबे वैकल्पिक मार्ग लेने होंगे. एयर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और अकासा एयर जैसी अन्य एयरलाइंस भी इस प्रतिबंध से प्रभावित होंगी. PTI के अनुसार, एक वरिष्ठ पायलट ने बताया कि अमेरिका और यूरोप जाने वाली कुछ उड़ानों की अवधि 2 से 2.5 घंटे तक बढ़ सकती है.

किराए में वृद्धि की आशंका
लंबे मार्गों के कारण विमानों को अधिक ईंधन की आवश्यकता होगी, जिससे परिचालन लागत बढ़ेगी. एक वरिष्ठ ट्रैफिक नियंत्रक ने PTI को बताया कि वैकल्पिक मार्गों के आधार पर उड़ान अवधि अलग-अलग होगी और एयरलाइंस के उड़ान योजनाएं जमा करने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी. एक ट्रैवल उद्योग विशेषज्ञ ने कहा, "हवाई क्षेत्र बंद होने से भारतीय वाहकों के अंतरराष्ट्रीय किराए में 8-12% की वृद्धि होने की संभावना है." यदि यह स्थिति लंबे समय तक रही, तो टिकट की कीमतें और बढ़ सकती हैं.

विमानन कंपनियों की चुनौतियां
लंबे मार्गों से ईंधन खपत बढ़ने और पेलोड सीमाओं के कारण एयरलाइंस को वजन कम करना पड़ेगा, जिससे वे अधिक यात्रियों या सामान को समायोजित नहीं कर पाएंगी. PTI के अनुसार, पहले से ही कम मार्जिन पर काम करने वाली एयरलाइंस के लिए यह वित्तीय रूप से टिकाऊ नहीं है. इससे पहले 2019 में पुलवामा हमले और बालाकोट हवाई हमले के बाद भी पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइंस के लिए हवाई क्षेत्र बंद किया था.