नाथपा डैम के पास भूस्खलन से मची तबाही, वीडियो में देखें कैसे भर-भराकर जमीन पर आ गया पहाड़
किन्नौर के नाथपा डैम साइट के पास भारी भूस्खलन हुआ है. किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. भारी बारिश और लैंडस्लाइड के खतरे के चलते प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून सीजन अपने अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन बारिश की तबाही जारी है. इसी बीच किन्नौर के नाथपा डैम साइट के पास भूस्खलन हुआ है. जिसका वीडियो सामने आया है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे भर-भराकर पहाड़ का मलवा जमीन पर आ गया. हालांकि किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में लगातार भारी बारिश का दौर जारी है. भारी बारिश और लैंडस्लाइड के चलते अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, कई सड़कें और नेशनल हाईवे बंद हैं, जबकि प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.
प्रदेश भर में हो रही भारी बारिश
बीते 24 घंटों में भारी बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. पूरे हिमाचल में इसके कारण लोग परेशानी का सामना कर रहे है. शिमला में अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, वहीं सिरमौर और चंबा में भी जानें गई हैं. मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है और इसी को देखते हुए राज्य के कई जिलों में स्कूल और अन्य शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं.
नेशनल हाईवे भी बंद
हिमाचल में भारी बारिश ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है. प्रदेश में चार नेशनल हाईवे और 1277 सड़कें बंद हो चुकी हैं. सिर्फ शिमला जिले में 267 सड़कें ठप हैं, मंडी में 256 और चंबा में 239 सड़कें बंद हैं. कुल्लू, सिरमौर, किन्नौर और अन्य जिलों में भी हालात गंभीर बने हुए हैं. कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे ट्रैक पर मलबा और पत्थर गिरने से सभी ट्रेनें 2 से 5 सितंबर तक रद्द कर दी गई हैं. लेह-मनाली और चंडीगढ़-मनाली हाईवे भी भूस्खलन की वजह से बंद पड़े हैं.
स्कूल बंद, ऑनलाइन क्लासेज का आदेश
भारी बारिश और रेड अलर्ट को देखते हुए सरकार ने शिमला, सोलन, मंडी, चंबा, सिरमौर, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और ऊना में सभी स्कूल और शिक्षण संस्थानों को 2 सितंबर तक बंद रखने का आदेश दिया है. खास बात यह है कि इस बार टीचर्स और अन्य स्टाफ को भी स्कूल आने से छूट दी गई है और ऑनलाइन क्लासेज लगाने का निर्देश दिया गया है. कुल्लू के आनी और निरमंड, किन्नौर के निचार और लाहौल-स्पीति के काजा समेत कुछ उपमंडलों में भी यही आदेश लागू होंगे.
कुल्लू में ब्लैकआउट का खतरा
वहीं कुल्लू जिले में HPPECL ने भी चेतावनी जारी की है कि लैंडस्लाइट के कारण 133 केवी लाइन पर खतरा है. यदि हालात काबू में नहीं आए तो जिले में ब्लैकआउट हो सकता है. लगातार बारिश से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है.
चंबा और शिमला में सबसे ज्यादा असर
चंबा जिले में कई सड़कें बंद होने से लोग घरों में फंसे हुए हैं. चंबा-पठानकोट रोड कई जगहों पर अवरुद्ध है और भरमौर में श्रद्धालु फंसे हुए हैं, हालांकि सभी सुरक्षित हैं. डलहौजी में कोहरा और बारिश से हालात बिगड़े हुए हैं. शिमला जिले के जुन्गा, कोटखाई और जुब्बल में भूस्खलन से चार लोगों की मौत हुई है, जिनमें पिता-पुत्री भी शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रदेश को आपदा ग्रस्त राज्य घोषित किया और बताया कि अब तक 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है.
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