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'GST सुधारों से समाज के हर वर्ग को लाभ', प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों को लिखा खुला पत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि जीएसटी की कम दरें हर परिवार के लिए ज्यादा बचत और व्यवसायों के लिए ज्यादा सुगमता का प्रतीक हैं. उन्होंने कहा कि इन सुधारों से समाज के हर वर्ग को लाभ होगा.

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Gyanendra Sharma

PM Modi letter: जीएसटी सुधारों के लागू होने के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नागरिकों को लिखे एक पत्र में जनता से "मेड इन इंडिया" उत्पाद खरीदने और बेचने का आग्रह किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि जीएसटी की कम दरें हर परिवार के लिए ज़्यादा बचत और व्यवसायों के लिए ज़्यादा सुगमता का प्रतीक हैं. उन्होंने कहा कि इन सुधारों से समाज के हर वर्ग को लाभ होगा, चाहे वह किसान हों, महिलाएं हों, युवा हों, गरीब हों, मध्यम वर्ग हों, व्यापारी हों या एमएसएमई.

मोदी ने अपने पत्र में कहा, इस त्योहारी सीजन में आइए हम भारत में निर्मित उत्पादों का समर्थन करने का भी संकल्प लें। इसका मतलब है स्वदेशी उत्पाद खरीदना, जिनके निर्माण में किसी भारतीय का पसीना और परिश्रम लगा हो चाहे उन्हें बनाने वाला ब्रांड या कंपनी कोई भी हो.  उन्होंने आगे कहा, मैं अपने दुकानदारों और व्यापारियों से अपील करता हूँ कि वे भारत में बने उत्पाद बेचें। आइए, गर्व से कहें  हम जो खरीदते हैं वह स्वदेशी है.

रोजमर्रा के सामना होंगे सस्ते

प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा, रोजमर्रा की ज़रूरत की चीज़ें जैसे खाना, दवाइयां, साबुन, टूथपेस्ट, बीमा और कई अन्य चीज़ें अब या तो कर-मुक्त होंगी या सबसे निचले 5% टैक्स स्लैब में आ जाएंगी. उन्होंने आगे कहा, जिन वस्तुओं पर पहले 12% टैक्स लगता था, अब लगभग पूरी तरह से 5% हो गया है. यह देखकर बहुत खुशी होती है कि विभिन्न दुकानदार और व्यापारी 'तब और अब' के बोर्ड लगा रहे हैं, जो सुधारों से पहले और सुधारों के बाद के करों को दर्शाते हैं.

GST 2.0 हुआ लागू

अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें 5% और 18% की दो स्लैब होंगी. रोजमर्रा की जरूरत की चीज़ें जैसे खाना, दवाइयां, साबुन, टूथपेस्ट, बीमा और कई अन्य वस्तुएं अब या तो कर-मुक्त होंगी या सबसे कम 5% कर स्लैब में आएंगी. जिन वस्तुओं पर पहले 12% कर लगता था, उन पर लगभग पूरी तरह से 5% कर लगेगा.