देश में नहीं ठप होगी तेल और गैस की सप्लाई! भारत सरकार का प्लान-B तैयार; जानें क्या है स्पेशल-41

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुआ है. जिसके कारण कई देशों में बड़ी संकट आ गई है. हालांकि भारत सरकार ने इस मुश्किल समय से निकलने के लिए प्लान बी तैयार कर लिया है. जिसके तहत देश में तेल-गैस की आर्पूर्ति बाधित नहीं होगी.

ANI
Shanu Sharma

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण विश्व के कई देशों में तेल और गैस सप्लाई रुक गया है. हालांकि अभी तक भारत में स्थिति कंट्रोल में है. इसी बीच भारत सरकार ने इस समस्या पर काबू पाने के लिए अपना प्लान बी तैयार कर लिया है. वहीं पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और बांग्लादेश में कोविड काल जैसी स्थिति बन गई है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का 20 प्रतिशत कच्चा तेल आयात किया जाता है. इसके बंद होने के कारण कई देशों को परेशानी हो रही है. पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमत आसमान छू रही है. वहां स्कूलों को एक बार फिर से ऑनलाइन मोड में भेज दिया गया है. वहीं दक्षिण कोरिया में भी स्थिति चिंताजनक है. ऊर्जा संकट के बीच सरकार द्वारा कई निर्देश जारी किए  गए हैं.

 एलपीजी की कमी कैसे होगी खत्म?

भारत की जनसंख्या को देखते हुए कहा जा सकता है कि देश में स्थिति अभी कंट्रोल में है. हालांकि एलपीजी की कमी को महसूस करते हुए केंद्र सरकार ने प्लान बी को लागू कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में भाषण देते हुए कहा कि इस संकट की घड़ी में घबराने की जरूरत नहीं है. देश ने ऊर्जा आयात को विविधिकृत कर लिया है.

उन्होंने बताया कि अब हमारा देश केवल खाड़ी देशों पर आश्रित नहीं है. उन्होंने बताया कि पहले हम 27 देशों से ऊर्जा आयात करते थे अब 41 देशों से की जा रही है. ब्लूमबर्ग रिपोर्ट की मानें तो भारत ने इस संकट की घड़ी में रूस से 6 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदा है. इसके अलावा पश्चिम अफ्रीका से भी बड़े पैमाने पर तेल मंगवाया जा रहा है. अंगोला और नाइजीरिया से तेल लाने के लिए बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य का इस्तेमाल किया जा रहा है. 

पीएम मोदी ने खुद बताई क्या है तैयारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि देश के पास 53 लाख टन से ज्यादा रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व है और सरकार इस क्षमता को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने बताया कि देश में रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाई जा रही है. घरेलू गैस उत्पादन में वृद्धि के साथ पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को बढ़ावा दिया जा रहा है.

देश में शुरू हो चुके एलपीजी संकट के बीच अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, नॉर्वे समेत कई देशों से अतिरिक्त एलएनजी और एलपीजी के कार्गो भारत पहुंच रहे हैं. घरेलू एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है, इन सभी कदमों से संकट की आंच भारत तक कम पहुंच रही है.