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India Daily

'गले पर गमछा और हाथों में पतंग की डोर', जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और प्रधानमंत्री नरेंद मोदी की मुलाकात

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत के पहले दौरे पर अहमदाबाद पहुंचे हैं. जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है और उनके साथ पतंग उड़ाते नजर आएं.

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Edited By: Shanu Sharma
'गले पर गमछा और हाथों में पतंग की डोर', जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और प्रधानमंत्री नरेंद मोदी की मुलाकात
Courtesy: X (@sidhant)

नई दिल्ली:  फ्रेडरिक मर्ज की यह यात्रा भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने का महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. दोनों देश 75 वर्षों से राजनयिक संबंधों का जश्न मना रहे हैं. उनकी  यात्रा की शुरुआत सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक रही. पीएम मोदी ने मर्ज का साबरमती आश्रम में स्वागत किया. जहां दोनों नेताओं ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और विजिटर्स बुक पर हस्ताक्षर किए. इसके बाद वे साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां उन्होंने इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 2026 का संयुक्त उद्घाटन किया.

फेस्टिवल में दोनों नेताओं ने भगवान हनुमान की आकृति वाली पतंग उड़ाई. मकर संक्रांति के मौके पर यह बेहद ही खास उत्सव  माना जाता है. इसमें 50 देशों से 135 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज, 65 राष्ट्रीय और गुजरात से 871 स्थानीय प्रतिभागी शामिल हुए. इसके बाद हेरिटेज हवेली प्रदर्शनी, काइट म्यूजियम और हस्तशिल्प बाजार ने मर्ज की इस यात्रा को और आकर्षक बनाया. यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच गहरे लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने का प्रतीक बना.

दोनों देशों को मिलेगा इस यात्रा का फायदा

 

इसके बाद महात्मा मंदिर में शुरू हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की. इस चर्चा का मुख्य केंद्र व्यापार एवं निवेश, उन्नत प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कौशल विकास, गतिशीलता, रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग रहा. इसके अलावा विज्ञान, नवाचार, अनुसंधान, हरित एवं सतत विकास तथा लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने पर भी विस्तृत बातचीत हुई.

वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श 

दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया तथा दोनों देशों के उद्योगपतियों से मुलाकात की. इससे पहले G7 शिखर सम्मेलन के मौके पर मुलाकात हुई थी. चांसलर मर्ज की यह दो दिवसीय यात्रा (12-13 जनवरी) एशिया की उनकी पहली प्रमुख यात्रा है. अहमदाबाद के बाद वे बेंगलुरु जाएंगे, जहां तकनीकी और उद्योग संबंधी कार्यक्रम होंगे. उनकी इस यात्रा से दोनों देशों की मजबूती मिलने की उम्मीद है. एक ओर जहां डोनाल्ड ट्रंप अपने टैरिफ के भार से दुनिया के कई देशों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भारत अलग-अलग देशों के साथ अपने व्यापारिक संबंध को और भी ज्यादा मजबूत करने की कोशिश में है.