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गांधीवादी पासला कृष्णा भारती ने दुनिया को कहा अलविदा, 92 साल की उम्र में निधन; PM मोदी ने ट्वीट कर जताया दुख

फेमस गांधीवादी और सामाजिक कार्यकर्ता पासला कृष्णा भारती का रविवार को 92 की उम्र में का निधन हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृष्णा भारती के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हुए ट्वीट करते हुए दुख व्यक्त किया है.

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Princy Sharma

Gandhian Pasala Krishna Bharati Dies: फेमस गांधीवादी और सामाजिक कार्यकर्ता पासला कृष्णा भारती का रविवार को 92 की उम्र में का निधन हो गया है. वह दलितों के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों और शैक्षणिक संस्थानों में अपने योगदान के लिए जानी जाती थीं. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृष्णा भारती के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हुए ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, 'पासला कृष्णा भारती जी के निधन से दुखी हूं. वह गांधीवादी मूल्यों के प्रति समर्पित थीं और उन्होंने बापू के आदर्शों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. उन्होंने अपने माता-पिता की विरासत को शानदार ढंग से आगे बढ़ाया जो हमारे स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान एक्टिव थे.' 

आंध्र प्रदेश के CM ने व्यक्त किया दुख

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी भारती के निधन पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने लिखा, 'पश्चिम गोदावरी जिले के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी पासला कृष्णमूर्ति और अंजलक्ष्मी की बेटी कृष्णा भारती जीवन भर गांधीवादी रहीं. उन्होंने गांधीजी द्वारा सिखाए गए मूल्यों का पालन किया. उन्होंने लोअर क्लासेज में शिक्षा फैलाने के लिए काम किया. उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों और गौशालाओं को दान दिया.  हमारे बीच ऐसे व्यक्ति का न होना बहुत बड़ी क्षति है.' 

कौन थीं पासला कृष्णा भारती?

कृष्णा भारती का जन्म पासला कृष्णमूर्ति और अंजा लक्ष्मी के घर हुआ था, जो दोनों ही प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे. उनके पिता, कृष्ण मूर्ति, महात्मा गांधी के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े थे, खासकर तटीय आंध्र प्रदेश की उनकी यात्राओं के दौरान. आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले की मूल निवासी कृष्णा भारती का जन्म जेल में हुआ था, जबकि उनके माता-पिता स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जेल में थे. उन्होंने अविवाहित रहने का फैसला किया और अपना जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया.