खाद्य सुरक्षा विभाग 'पनिशमेंट पोस्टिंग' नहीं: FSSAI प्रमुख ने किया तुकाराम मुंडे की कार्रवाई का समर्थन
FSSAI प्रमुख रजित पुन्हानी ने आईएएस तुकाराम मुंडे की खाद्य सुरक्षा कार्रवाई का समर्थन किया. उन्होंने खाद्य विभाग को 'पनिशमेंट पोस्टिंग' मानने से इनकार करते हुए हर राज्य में अलग आयुक्त की वकालत की.
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के सीईओ रजित पुन्हानी ने महाराष्ट्र एफडीए (FDA) आयुक्त और आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे की कड़ी कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया है. उन्होंने इस धारणा को खारिज कर दिया कि खाद्य सुरक्षा विभाग में तबादला कोई 'पनिशमेंट पोस्टिंग' होता है. यानी खाद्य सुरक्षा विभाग में पोस्टिंग सजा के तौर पर की जाती है.
जहां चाह वहां रहा
पुन्हानी ने कहा कि तुकाराम मुंडे की कार्रवाई साबित करती है कि 'जहां चाह, वहां राह' होती है. मुंडे के नेतृत्व में महाराष्ट्र एफडीए ने नियमों का उल्लंघन करने वाले रेस्तरां, खाद्य व्यवसायों और गोदामों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी कर सैकड़ों लाइसेंस निलंबित किए हैं.
संसाधनों का सही उपयोग
FSSAI प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि मुंडे ने बिना अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती के, अपनी पुरानी टीम के साथ ही यह बड़ी कार्रवाई की है. इस अभियान से जनता के बीच खाद्य सुरक्षा और इसके अधिकारियों की भूमिका को लेकर जागरूकता बढ़ी है.
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विभाग की उपेक्षा पर चिंता
उन्होंने स्वीकार किया कि ऐतिहासिक रूप से इस विभाग को स्वास्थ्य विभाग की तुलना में कम महत्व दिया जाता था और अधिकारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में इसे संभालते थे. पुन्हानी ने कहा कि अब हर राज्य में एक समर्पित और अलग खाद्य सुरक्षा आयुक्त होना बेहद आवश्यक है.
अदालत की समीक्षा
केंद्रीय नियामक की ओर से मुंडे को यह समर्थन ऐसे समय में मिला है जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने एफडीए की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे. अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि विनियामक का रुख 'मच्छर को तलवार से मारने' जैसा और प्रक्रिया का पालन किए बिना जल्दबाजी में उठाया गया कदम लगता है.