आज दिखेगा साल का पहला ‘सूपरमून’, जानें भारत में कितने बजे देगा दिखाई
सूपरमून आज भारत में दिखाई देगा. यह नजारा बेहद ही अद्भूत आने वाला है. आज चांद धरती से करीब 362,000 किलोमीटर दूर होगा.
नई दिल्ली: 3 जनवरी को रात में वुल्फ सुपरमून देखने का मौका मिलेगा. यह नजारा बेहद ही अद्भूत होने वाला है. यह पूर्णिमा का चांद सामान्य पूर्णिमा के चांद से थोड़ा बड़ा और ज्यादा चमकदार दिखेगा. यह सूरज की उल्टी दिशा में उगेगा और मिथुन तारामंडल में दिखाई देगा. यह खास चांद 2026 का पहला पूर्णिमा का चांद भी होगा. इस चांद को सुपरमून इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह तब दिखाई देता है, जब चांद अपनी कक्षा में पृथ्वी के बहुत करीब होता है.
यह चांद पृथ्वी के चारों ओर एकदम गोल चक्कर न लगाकर ओवल शेप में चक्कर लगाता है. इसी के चलते यह कई बार पृथ्वी के करीब आता है और कभी-कभी दूर चला जाता है. जब पूर्णिमा का चांद उस समय होता है जब वह पृथ्वी के सबसे करीब होता है. यह सामान्य चांदी से ज्यादा बड़ा और ज्यादा चमकदार लगता है.
पृथ्वी से लगभग 362,000 किलोमीटर दूर होगा चांद:
आज चांद धरती से करीब 362,000 किलोमीटर दूर होगा. चांद की पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी की तुलना में यह काफी करीब है. यही कारण है कि चांद दूर होने की तुलना में 6 से 14 प्रतिशत बड़ा और 13 से 30 प्रतिशत ज्यादा चमकदार दिखाई दे सकता है. यह चांद इसलिए भी खास है क्योंकि इसे ट्रिपल बूस्ट मिलता है. पहला, यह पूर्णिमा का चांद है. दूसरा, यह पेरिगी के पास है. तीसरा, साल के इस समय पृथ्वी भी सूरज के करीब होती है.
इसी के चलते, चांद की सतह पर सूरजी की रोशनी ज्यादा पड़ती है. इसी वजह से यह ज्यादा चमकदार दिखाई देता है. यह कॉम्बिनेशन वुल्फ सुपरमून को 2026 के सबसे चमकदार पूर्णिमा के चांद में से एक बनाता है. बता दें कि वुल्फ मून नाम उत्तरी गोलार्ध की पुरानी परंपराओं से आया है.
कब दिखाई देगा सूपरमून:
3 जनवरी को लगभग 10:02 से 10:04 GMT के बीच चांद पूरी तरह से दिखाई देगा. इसे देखने का सबसे अच्छा समय 2 जनवरी और 3 जनवरी को चंद्रमा निकलने के समय है, जब यह आसमान में नीचे दिखाई देगा और पृथ्वी के एटमॉस्फियर के कारण येलो या ऑरेंज दिख सकता है. जूपिटर भी चांद के पास दिखाई देगा, जिससे नजारा ज्यादा खूबसूरत नजर आएगा.
भारतीय समय की बात करें तो यह अद्भुत नजारा साफ दिखाई देगा. लोग सूर्यास्त के तुरंत बाद, शाम 5:45 बजे से 6:00 बजे IST के आसपास चंद्रमा देख सकते हैं. यह पूरी रात दिखाई देगा और सुबह पश्चिम में अस्त हो जाएगा.
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