मनीष कश्यप समेत चार इन्फ्लुएंसर पर FIR, E20 के लिए नितिन गडकरी की छवि खराब करने का आरोप
E20 पेट्रोल को लेकर कथित भ्रामक और मानहानिकारक वीडियो साझा करने के आरोप में यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत चार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ नागपुर साइबर पुलिस ने FIR दर्ज की.
E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को कथित रूप से निशाना बनाने वाले वीडियो के मामले में नागपुर साइबर पुलिस ने चार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. इस कार्रवाई में चर्चित यूट्यूबर और राजनेता मनीष कश्यप का नाम भी शामिल है.
चार इन्फ्लुएंसर्स पर लगाए गए आरोप
नागपुर शहर साइबर पुलिस स्टेशन में यह मामला भाजपा सोशल मीडिया सेल के शहर अध्यक्ष शिशिर त्रिपाठी की शिकायत पर दर्ज किया गया. एफआईआर में मनीष कश्यप के अलावा इंस्टाग्राम अकाउंट Desi Boys (desi_boysncr), इन्फ्लुएंसर हर्षित राठी और अंकलीश इनवेटी (Ankleash Invatee) को भी आरोपी बनाया गया है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने E20 ईंधन को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने और केंद्रीय मंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया.
यूट्यूब वीडियो को लेकर उठे सवाल
शिकायत के अनुसार, 3 जुलाई को मनीष कश्यप द्वारा यूट्यूब पर अपलोड किए गए एक वीडियो में E20 पेट्रोल के बारे में कथित तौर पर गलत और भ्रामक दावे किए गए. आरोप है कि इस सामग्री का उद्देश्य लोगों के बीच भ्रम फैलाना और नितिन गडकरी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना था. शिकायत में यह भी कहा गया है कि अन्य तीन आरोपियों ने भी अपने वीडियो में मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया.
Also Read
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356, 352 और 296 के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और वीडियो की सामग्री समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा.
E20 पेट्रोल पर जारी है बहस
केंद्र सरकार देशभर में E20 ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है. सरकार का कहना है कि 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल के इस मिश्रण से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण घटेगा और गन्ने जैसी फसलों की मांग बढ़ने से किसानों की आय में भी मदद मिलेगी. इस नीति के प्रमुख समर्थकों में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शामिल हैं.
सरकार और आलोचकों के अलग-अलग दावे
दूसरी ओर, कुछ वाहन चालकों, ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने E20 पेट्रोल को लेकर चिंता जताई है. उनका दावा है कि इससे पुराने वाहनों की कार्यक्षमता और माइलेज प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि, सरकार लगातार यह स्पष्ट करती रही है कि E20 ईंधन केवल अनुकूल (Compatible) वाहनों के लिए सुरक्षित है और यह भारत की स्वच्छ ऊर्जा एवं ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है. मामले में दर्ज शिकायत भी इसी बहस से जुड़े वीडियो पर आधारित है.