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Fact Check F16 Shot Down: 'देशभक्ति नहीं, पैसा है मकसद', भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच एक्स पर फर्जी युद्ध वीडियो की बाढ़

Fact Check F16 Shot Down: भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के बीच, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फर्जी युद्ध वीडियो की बाढ़ आ गई है. ये वीडियो, जो देखने में हॉलीवुड फिल्मों के एक्शन सीन जैसे लगते हैं, वास्तव में वीडियो गेम्स जैसे ARMA 3 और Battlefield से लिए गए हैं.

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Edited By: Babli Rautela
Fact Check F16 Shot Down: 'देशभक्ति नहीं, पैसा है मकसद', भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच एक्स पर फर्जी युद्ध वीडियो की बाढ़
Courtesy: Social Media

Fact Check F16 Shot Down: भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के बीच, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फर्जी युद्ध वीडियो की बाढ़ आ गई है. ये वीडियो, जो देखने में हॉलीवुड फिल्मों के एक्शन सीन जैसे लगते हैं, वास्तव में वीडियो गेम्स जैसे ARMA 3 और Battlefield से लिए गए हैं. हैरानी की बात यह है कि इन वीडियो को शेयर करने का मकसद देशभक्ति नहीं, बल्कि पैसा कमाना है. 

7 मई 2025 को, एक X यूजर ने एक वीडियो शेयर किया जिसमें एक फाइटर जेट विमान-रोधी फायर से बचने की कोशिश करता दिख रहा था. वीडियो में फ्लेयर्स, तेज चालें और प्रोजेक्टाइल्स का जबरदस्त एक्शन था, जो आखिरी में एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) से जेट के नष्ट होने के साथ खत्म हुआ. कैप्शन में दावा किया गया कि यह 'पाकिस्तानी F-16' है, जिसे भारतीय वायु सेना ने कश्मीर के पंपोर में मार गिराया. इस वीडियो को 24 घंटे में 1.2 मिलियन व्यूज मिले. 

क्या है इस वायरल वीडियो की सच्चाई?

यह वीडियो ARMA 3 जैसे यथार्थवादी ग्राफिक्स वाले वीडियो गेम से लिया गया था. PIB फैक्ट चेक यूनिट ने इसकी पुष्टि करते हुए इसे फर्जी करार दिया. ARMA 3 और Battlefield जैसे गेम्स का इस्तेमाल पहले भी सीरिया, यूक्रेन और अब भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान फर्जी युद्ध फुटेज के लिए हो चुका है. 

इन फर्जी वीडियो के पीछे का असली मकसद देशभक्ति नहीं, बल्कि X की मुद्रीकरण नीति है. यह नीति सत्यापित (ब्लू टिक) यूजर्स को उनके व्यूज के आधार पर कमाई करने की अनुमति देती है. उदाहरण के लिए, एक अकाउंट जो महीने में 15 मिलियन व्यूज हासिल करता है, वह 7,000 से 15,000 रुपये तक कमा सकता है. 

PIB फैक्ट चेक की चेतावनी

भारत की PIB फैक्ट चेक यूनिट ने इन फर्जी वीडियो के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. PIB ने इसे 'पाकिस्तान प्रोपेगैंडा' करार देते हुए लोगों से केवल सरकारी स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की है. एक वीडियो जिसमें दावा किया गया कि पाकिस्तान ने श्रीनगर एयरबेस पर हमला किया, वह 2024 में खैबर पख्तूनख्वा में हुए सांप्रदायिक दंगों का था.