छत्तीसगढ़ के बस्तर में मुठभेड़, एक जवान शहीद, 4 माओवादी मारे गए

शनिवार शाम को हुई इस मुठभेड़ में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के हेड कांस्टेबल सन्नू करम की मौत हो गई. 

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Kamal Kumar Mishra

Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बस्तर में माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ में एक जवान शहीद हुआ है, वहीं 4 माओवादी मारे गए हैं. इस बात की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में कम से कम चार माओवादी मारे गए हैं, इस एनकाउंटर में एक हेड कॉस्टेबल की भी मौत हुई है. 
 
अधिकारी ने बताया कि यह मुठभेड़ नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर दक्षिण अबूझमाड़ के जंगल में शनिवार शाम को हुई. मुठभेड़ में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के एक हेड कांस्टेबल सन्नू करम की मौत हो गई. मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम माओवादी विरोधी अभियान पर निकली थी.

घटनास्थल से AK-47 और SLR बरामद

सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि शनिवार देर रात गोलीबारी बंद होने के बाद चार माओवादियों के शव बरामद हुए हैं. इसके साथ ही अबूझमाड़ के जंगलों से एके-47 राइफल और सेल्फ लोडिंग राइफल (SLR) सहित कई स्वचालित हथियार घटनास्थल से बरामद किए गए हैं. सुरक्षाबल के जवान इलाके में तलाशी अभियान चल रहे हैं.

2024 में 200 से अधिक माओवादी मारे गए

छत्तीसगढ़ में 2024 में सुरक्षा बलों द्वारा 200 से अधिक माओवादियों को मार गिराया गया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक उन्हें खत्म करने की कसम खाई. पिछले साल मारे गए 219 माओवादियों में से 217 बस्तर क्षेत्र से थे, जिसमें बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव और सुकमा जिले शामिल हैं.

साल 2024 में 65 नागरिकों की हुई मौत

800 से अधिक माओवादियों को गिरफ्तार भी किया गया, जबकि लगभग 802 ने हथियार डाल दिये. वर्ष 2024 में माओवादियों के खिलाफ लड़ाई में लगभग 18 सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई , जबकि माओवादी हिंसा में मारे गए नागरिकों की संख्या 65 है. बता दें कि छत्तीशगढ़ के इन इलाकों में अक्सर सुरक्षाकर्मियों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ होती रहती है. इस दौरान सुरक्षाकर्मियों की भी जान जाती है.