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तमिल गौरव के संरक्षण का दावा करने वालों की ‘खोखली बयानबाजी’ निंदनीय है: राज्यपाल

तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन.रवि ने उन लोगों की आलोचना की है जो तमिल भाषा और संस्कृति के संवर्धन एवं संरक्षण का दावा तो करते हैं, लेकिन जिनका वास्तविक तौर पर इसमें कोई योगदान नहीं है. उन्होंने उनके बयानों को ‘खोखली बयानबाजी’ करार दिया. उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि सही मायने में समृद्ध तमिल साहित्यिक विरासत को संरक्षित करने और उसके संवर्धन में ही उसका असली सम्मान निहित है.

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Anvi Shukla

तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन.रवि ने एक बयान में तमिल गौरव के प्रोटेक्शन का दावा करने वालों की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि ' ऐसे लोगों की "खोखली बयानबाजी" निंदनीय है जो केवल राजनीतिक लाभ के लिए तमिल संस्कृति और गौरव के नाम पर राजनीति करते हैं'. राज्यपाल की यह टिप्पणी उन नेताओं और समूहों के खिलाफ है जो तमिल संस्कृति के नाम पर समाज में नफरत और विभाजन फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के कार्यों से समाज को कोई लाभ नहीं होता, बल्कि इससे समाज में विभाजन और नफरत बढ़ती है.

राज्यपाल आर.एन.रवि ने अपने बयान में यह भी कहा कि तमिल संस्कृति और गौरव के प्रोटेक्शन के लिए हमें सही तरीके से काम करना होगा. हमें समाज में एकता को बढ़ावा देना होगा, न कि विभाजन और नफरत को. इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि राज्यपाल आर.एन.रवि तमिल संस्कृति और गौरव के संरक्षण के लिए गंभीर हैं और उन लोगों की आलोचना कर रहे हैं जो इसके नाम पर राजनीति करते हैं.

राज्यपाल का कड़ा बयान:

राज्यपाल रवि ने कहा कि तमिल गौरव का सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि ठोस कार्यों से किया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग केवल अपनी राजनीतिक छवि को मजबूत करने के लिए तमिल गौरव का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि असल में वे समाज की एकता और शांति को नुकसान पहुंचा रहे हैं. उनका यह बयान तमिलनाडु के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी मानी जा रही है.

तमिल गौरव का संरक्षण और समाज की भूमिका:

राज्यपाल ने आगे यह भी कहा कि तमिल गौरव केवल एक सांस्कृतिक धरोहर का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता, भाईचारे और सहिष्णुता की बात है. उन्होंने तमिलनाडु के लोगों से अपील की कि वे उन लोगों से बचें जो तमिल गौरव के नाम पर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. उनका यह संदेश समाज में सही दिशा में विचार और कार्रवाई करने की आवश्यकता को उजागर करता है.

राज्यपाल आर एन रवि का यह बयान तमिल गौरव के नाम पर राजनीतिक बयानबाजी करने वालों के खिलाफ एक कड़ा संदेश है. तमिल गौरव का असली संरक्षण तभी संभव है जब इसे सही उद्देश्य और ईमानदारी से आगे बढ़ाया जाए, न कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए इसका उपयोग किया जाए.