Electoral Bonds: कौन हैं जया ठाकुर जिनकी वजह से राजनीतिक चंदा हुआ मंदा, अटैकिंग मोड में सुप्रीम कोर्ट

Electoral Bonds: सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों वाली पीठ ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की याचिका को खारिज कर दिया है. साथ ही 12 को पूरी जानकारी चुनाव आयोग को देने के लिए आदेश दिया है.

India Daily Live

Electoral Bonds: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (11 मार्च) को एसबीआई (SBI) की याचिका को खारिज कर दिया है. साथ ही कहा है कि 12 मार्च को व्यावसायिक घंटों (ड्यूटी आवर्स) के अंत तक चुनाव आयोग को इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी दें. 

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और सीपीआई (एम) के साथ चुनावी बांड योजना को रद्द करने की मांग करने वाली अपील में याचिकाकर्ताओं में से एक जया ठाकुर ने कहा कि वह सोमवार को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से संतुष्ट हैं.

पांच न्यायाधीशों की पीठ ने की मामले की सुनवाई

उन्होंने कहा है कि मैं इस फैसले से खुश हूं. वकील वरुण ठाकुर के माध्यम से याचिका दायर करने वाली जया ठाकुर ने कहा कि कोर्ट ने इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए अपना फैसला लिया है. 

सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सोमवार को समय बढ़ाने की मांग वाली भारतीय स्टेट बैंक की याचिका खारिज कर दी है. साथ ही एसबीआई को 12 मार्च को व्यावसायिक समय के अंत तक चुनाव आयोग को चुनावी बांड का डेटा पेश करने का निर्देश दिया है.

भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव आयोग को 15 मार्च को शाम 5 बजे तक बैंक द्वारा साझा किए गए विवरण को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करने का भी निर्देश दिया.

कौन हैं जया ठाकुर?

पेशे से डॉक्टर जया ठाकुर कांग्रेस से जुड़ी हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जया ठाकुर मध्य प्रदेश के सागर जिले के बांदा की रहने वाली हैं. जया ठाकुर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की महासचिव भी हैं.

जया ठाकुर ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करते हुए केंद्र को ये निर्देश देने की मांग की थी कि लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा के मद्देनजर दिसंबर 2023 में लागू नए कानून के प्रावधानों के अनुसार दो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति न की जाए. चुनाव आयुक्त अरुण गोयल ने 9 मार्च को इस्तीफा दे दिया था, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है.

एक इंटरव्यू में जया ठाकुर ने कही थी ये बात

Rediff.com को दिए एक इंटरव्यू में जया ठाकुर ने कहा है कि चुनावी बांड योजना की शुरुआत के साथ चुनावी फंडिंग में पारदर्शिता कम हो गई है. उन्होंने कहा कि जो लोग पैसा दान कर रहे थे, उनके नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा था. मुझे उस समय (2018) एहसास हुआ कि यह भविष्य में हमारे लोकतंत्र के लिए एक समस्या पैदा करेगा.

जया ठाकुर ने कहा कि ऐसा ही हुआ, क्योंकि बीजेपी को चुनाव में कहीं भी हार नहीं मिली. इसका कारण यह है कि राजनीतिक दलों के लिए चुनाव लड़ने के लिए फंडिंग एक बड़ा मुद्दा है. जया ठाकुर ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि फैसला कांग्रेस पार्टी के हित के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है, जिस भी पार्टी को किसी भी कॉर्पोरेट ग्रुप से पैसा मिलता है, उसके नाम का खुलासा करना चाहिए.