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बंगाल चुनाव से पहले बड़ी प्रशासनिक 'सर्जरी', चुनाव आयोग ने 13 IAS अफसरों के किए तबादले

भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल चुनावों से पहले 13 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है. इन अधिकारियों को जिला निर्वाचन अधिकारी और पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त कर स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों के मद्देनजर भारत निर्वाचन आयोग ने प्रशासनिक तंत्र को मजबूती देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. बुधवार, 18 मार्च 2026 को आयोग ने 13 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला कर उन्हें विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं. इन अधिकारियों को जिला निर्वाचन अधिकारी और पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है. आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूरी चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके.

आयोग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, जितिन यादव को कूच बिहार, संदीप घोष को जलपाईगुड़ी और विवेक कुमार को उत्तर दिनाजपुर का डीएम-सह-डीईओ नियुक्त किया गया है. इसी तरह राजनवीर सिंह कपूर को मालदा और आर. अर्जुन को मुर्शिदाबाद की जिम्मेदारी मिली है. ये अधिकारी न केवल जिले का प्रशासनिक कार्य संभालेंगे, बल्कि चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में मतदान की तैयारियों पर भी पैनी नजर रखेंगे. आयोग ने इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है.

कोलकाता और अन्य प्रभार 

कोलकाता नगर निगम की नगर आयुक्त स्मिता पांडे को कोलकाता उत्तर का जिला निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है, जबकि रणधीर कुमार कोलकाता दक्षिण की कमान संभालेंगे. अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों में श्रीकांत पल्ली को नदिया, श्वेता अग्रवाल को पूर्व बर्धमान और शिल्पा गोरिसारिया को उत्तर 24 परगना का प्रभार मिला है. दक्षिण 24 परगना में अभिषेक कुमार तिवारी, दार्जिलिंग में हरिशंकर पणिकर और अलीपुरद्वार में टी. बालसुब्रमण्यम चुनावी प्रक्रिया का नेतृत्व करेंगे और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे.

निष्पक्ष मतदान का लक्ष्य 

निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन अधिकारियों की भूमिका चुनाव को स्वतंत्र और पारदर्शी बनाने में बेहद महत्वपूर्ण होगी. ये अधिकारी जिला स्तर पर तैयारियों की गहन निगरानी करेंगे ताकि मतदाता बिना किसी डर या प्रभाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें. आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इन नए पर्यवेक्षकों को जमीनी स्तर पर हर गतिविधि को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है.

कार्यभार और समय सीमा 

आयोग ने इस आदेश के पालन के लिए एक सख्त समय सीमा तय की है. सभी 13 अधिकारियों को तुरंत अपना नया कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं. इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की अनुपालन रिपोर्ट 19 मार्च की दोपहर 3 बजे तक आयोग को सौंपी जानी अनिवार्य है. यह त्वरित आदेश चुनावी मशीनरी को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए दिया गया है ताकि मतदान की तारीखों से पहले जिला स्तर पर प्रशासनिक स्तर पर कोई भी कमी न रह जाए.

तबादलों पर कड़े नियम 

आयोग ने एक और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है. जिन अधिकारियों का तबादला इन पदों से किया गया है, उन्हें चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव से संबंधित किसी भी अन्य कार्य में नियुक्त नहीं किया जाएगा. यह कदम चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता और मतदाताओं के बीच आयोग की साख को बनाए रखने के लिए उठाया गया है. आयोग का स्पष्ट संदेश है कि एक नई और ऊर्जावान टीम के साथ वह बंगाल में एक आदर्श चुनावी माहौल तैयार करना चाहता है.