चुनाव से पहले CM ममता पर सख्त हुआ आयोग, भाषण में CRPF जवानों को धमकाने का लगाया आरोप; मांगी गई रिपोर्ट

चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के भाषण पर रिपोर्ट मांगी है और बासंती हिंसा के बाद पुलिस अधिकारी को निलंबित किया है. पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले तनाव और सख्ती दोनों बढ़ गए हैं.

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Km Jaya

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले पूरे राज्य में राजनीतिक गतिविधियां और चुनाव से जुड़ी हिंसा को लेकर तनाव बढ़ गया है. कड़े कदम उठाते हुए चुनाव आयोग यानी ECI ने एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक भाषण के संबंध में रिपोर्ट मांगी है, तो दूसरी तरफ कर्तव्य में घोर लापरवाही के आरोप में एक पुलिस इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है.

शुक्रवार को भारत के चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया कि वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाल ही में दिए गए एक भाषण के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट जमा करें. यह भाषण दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी स्थित नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल के मैदान में आयोजित एक जनसभा के दौरान दिया गया था.

चुनाव आयोग ने क्या लगाया आरोप?

चुनाव आयोग का आरोप है कि भाषण के वीडियो फुटेज में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कथित तौर पर CRPF यानी केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के जवानों को धमकाती हुई नजर आ रही हैं. उन्होंने सभी महिलाओं और लड़कियों से मतदान केंद्रों पर मौजूद रहने का आह्वान किया और आगे सुझाव दिया कि यदि आवश्यक हो तो उन्हें किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए घर के रसोई के बर्तनों का इस्तेमाल करना चाहिए.

चुनाव आयोग ने क्या लिया एक्शन?

इस बीच अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने बसंती पुलिस थाने के इंचार्ज इंस्पेक्टर अभिजीत पॉल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई 26 मार्च को दक्षिण 24 परगना जिले के बसंती बाजार क्षेत्र में हुई एक हिंसक घटना के बाद की गई है. इस हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे. यह हिंसा तब भड़की जब BJP उम्मीदवार विकास सरदार बसंती विधानसभा क्षेत्र में अपना चुनाव प्रचार कर रहे थे.

चुनाव आयोग ने क्या दिया बयान?

अपने आदेश में आयोग ने स्पष्ट किया कि घटना के बारे में पहले से जानकारी होने के बावजूद इंस्पेक्टर अविजित पॉल पुलिस के पर्याप्त इंतजाम करने में पूरी तरह नाकाम रहे. पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल यानी CAPF उपलब्ध होने के बावजूद वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए CAPF की तैनाती का अनुरोध करने में नाकाम रहे. 

BJP सांसद ने क्या कहा?

इस हिंसक घटना की कड़ी निंदा करते हुए BJP सांसद बिप्लब कुमार देब ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि यह हमला जिहादियों और गुंडों द्वारा किया गया एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया हमला था. मीडिया से बात करते हुए देब ने दावा किया कि बड़ी संख्या में पहचाने जा सकने वाले हमलावरों ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया. जब पुलिस और सुरक्षा बलों ने दखल देने की कोशिश की तो उन पर भी हमला किया गया.