'बालासाहेब कभी नहीं चाहते थे कि राज ठाकरे...' , CM शिंदे ने बोला उद्धव ठाकरे पर जोरदार हमला

Eknath Shinde: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा कि शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे कभी नहीं चाहते थे कि राज ठाकरे शिवसेना छोड़कर जाएं. उद्धव से विवाद के चलते राज ठाकरे ने साल 2006 में अपनी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का निर्माण किया था.

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Eknath Shinde: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को उद्धव ठाकरे पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने दावा किया कि शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे कभी नहीं चाहते थे कि उनके भतीजे राज ठाकरे पार्टी छोड़ें. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख की प्रशंसा करते हुए शिंदे ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि कभी-कभी मैं अपने भाषण में कहता हूं, जब उद्धव जी ने कहा कि लाडली बहन आई है तो लाडला भाई कब आएंगे? वे आएंगे.  इसलिए मैं युवाओं के प्रशिक्षण के लिए लाडला भाई को भी लाया.  लेकिन मैं उनसे कहता हूं कि जब राज ठाकरे जी उनके साथ थे, तो उन्हें राज ठाकरे जी को छोड़ने की क्या वजह थी?

राज ठाकरे जी बालासाहेब के साथ काम करते थे.  राज ठाकरे 1995 के चुनावों की सभी बैठकों में शामिल होते थे.  वे उनके बगल में थे लेकिन जब राज ठाकरे को जिम्मेदारी देने की बारी आई तो उद्धव जी की मंशा जागृत हो गई.  शिंदे ने दावा किया कि पार्टी से निकाले जाने के बाद भी राज ठाकरे शिवसेना को मजबूत करने के लिए कहीं ज्यादा  इच्छुक थे. 

बालासाहेब की नहीं थी इच्छा 

पार्टी से हटाए जाने के बाद भी राज ठाकरे कहते थे मैं कमजोर शिवसेना की ज़िम्मेदारी लूंगा लेकिन.... राज ठाकरे चले गए. बाबा साहब ठाकरे की इच्छा नहीं थी कि राज ठाकरे जाएं.  2006 में बाल ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे के साथ मतभेदों के बाद राज ठाकरे ने अविभाजित शिवसेना छोड़ दी और एमएनएस का गठन किया था. 

बिना शर्त दिया समर्थन

इस साल लोकसभा चुनाव से पहले मनसे प्रमुख ने भाजपा-शिवसेना-एनसीपी महायुति गठबंधन को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की थी. जब उनसे पूछा गया कि राज ठाकरे गठबंधन का हिस्सा क्यों नहीं हैं तब मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली लोकसभा में वह हमारे मंच पर आए थे.  अगर हम साथ मिलकर नहीं लड़ रहे हैं तो वह हमारे खिलाफ भी नहीं हैं.