IPL 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026 US Israel Iran War

'ड्राई डे हटेगा, पैसे दिए बिना कोई मदद नहीं करेगा...', शराब नीति के फेरे में फंसी केरल सरकार

केरल की सरकार शराब नीति के मामले में कठघरे में है. होटल मालिक संघ के एक पदाधिकारी के वॉयस नोट ने पिनाराई विजयन सरकार को मुश्किल में डाल दिया है.

Social Media
India Daily Live

केरल की पिनाराई विजयन सरकार मुश्किल में आ गई है. केरल होटल मालिक संघ के एक पदाधिकारी के वॉयस नोट ने सरकार के सामने संकट खड़ा कर दिया है. इसमें शराब नीति को अपने अनुसार बनवाने के लिए हर मेंबर से पैसे देने की बात कही जा रही है. ये पैसे ड्राई डे को कम करने और बार को अधिक समय तक खोलने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. हालांकि क्लिप के सामने आने के बाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील कुमार ने रिश्वत देने के लिए पैसे इकट्ठा करने के आरोपों से इनकार किया है.

केरल होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अनिमोन ने कथित वॉयस नोट में कहा कि हर महीने की पहली तारीख को ड्राई डे खत्म कर दिया जाएगा. अगर हम काम पूरा करना चाहते हैं, तो हमें वह करना होगा जो किया जाना चाहिए. पूरे राज्य से अब तक केवल एक तिहाई पैसा ही आया है. जो लोग 2.5 लाख रुपये देने को तैयार हैं, उन्हें इस समूह को सूचित करना चाहिए. पैसे दिए बिना कोई हमारी मदद नहीं करेगा. अगर किसी को लगता है कि (पैसे) दिए बिना काम हो जाएगा, तो वे उस तरीके को चुनने के लिए स्वतंत्र हैं. यह कथित वॉयस नोट केरल में लोकसभा चुनावों के बाद आने वाली नई शराब नीति के बारे में है.

शराब नीति में बदलाव करने जा रही केरल सरकार!

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब सरकार अपनी शराब नीति को नरम बनाने पर विचार कर रही है, ताकि राज्य में भारत में निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) की अधिक बिक्री हो सके. शुक्रवार को ऑडियो क्लिप मीडिया में आने के बाद, अनिमोन ने इस बात से इनकार नहीं किया कि उन्होंने कोई मैसेज भेजा था. हालांकि, केरल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष वी सुनील कुमार ने दावा किया कि पैसे जुटाने का उद्देश्य तिरुवनंतपुरम में एसोसिएशन के लिए एक कार्यालय का निर्माण करना था.

ऑडियो संदेश को गंभीरता से लिया जाएगा

केरल के बीजेपी प्रमुख सुरेंद्रन ने अपने बयान में कहा कि केरल में जो शराब घोटाला सामने आया है वह दिल्ली शराब घोटाले के समान है और सब कुछ मुख्यमंत्री की निगरानी में निगरानी में हो रहा है. केरल के आबकारी मंत्री एमबी राजेश ने कहा कि सरकार ने ऑडियो संदेश को गंभीरता से लिया है. ऐसी चीजों की अनुमति नहीं दी जाएगी. सरकार शराब नीति बना रही है. ऐसे में कुछ लोग लाभ पाने के लिए धन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए. ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

20 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप

कांग्रेस ने मंत्री के इस्तीफे की मांग की है. विपक्षी नेता वीडी सतीशन ने कहा कि मंत्री को इस घोटाले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और पद छोड़ देना चाहिए. 2014 में कांग्रेस सरकार के दौरान, सीपीआई (एम) ने तत्कालीन वित्त मंत्री केएम मणि के खिलाफ 1 करोड़ रुपये की रिश्वतखोरी का आरोप लगाया था. अब, सीपीआई (एम) सरकार पर 20 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लग रहा है.