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दिल्ली रेड फोर्ट धमाके के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर सख्ती, AIU ने की सदस्यता रद्द, NAAC-NMC ने जारी किए नोटिस

अल-फलाह यूनिवर्सिटी, जो 2014 में हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट के तहत स्थापित हुई, अब केंद्र में है. AIU ने 13 नवंबर को आधिकारिक पत्र जारी कर यूनिवर्सिटी की सदस्यता निलंबित कर दी

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Gyanendra Sharma

नई दिल्ली: दिल्ली में सोमवार शाम लाल किले के पास कार में धमाका हुआ था. इस घटना में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है. इस विस्फोट में अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम आया. एशोसिएशन ऑफ इंडियन यूनियन (AIU) ने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता रद्द कर दी है.

एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी (AIU) ने यूनिवर्सिटी की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी, जबकि नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल (NAAC) और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने भी कड़े कदम उठाए हैं.  इस यूनिवर्सिटी से जुड़े कई डॉक्टर्स को दिल्ली बम धमाका मामले में जांच एजेंसियों ने हिरासत में लिया है, जिसमें डॉ. उमर उन नबी, डॉ. शाहिद, डॉ. निसार-उल-हसन और डॉ. मुजम्मिल शामिल हैं.

आतंकी साजिश का खुलासा

दिल्ली पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 9 नवंबर को फरीदाबाद से 2,900 किलोग्राम विस्फोटक, असॉल्ट राइफल्स, हैंडगन्स और टाइमिंग डिवाइस बरामद हुए. धमाका धमाके से ठीक कुछ घंटे पहले हुआ, जब एक ह्युंडई i20 कार लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास रुकते ही फट गई. सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि कार धमाके से तीन घंटे पहले पार्किंग में खड़ी थी. मुख्य आरोपी डॉ. उमर मोहम्मद नबी (पुलवामा निवासी), जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था, धमाके में मारा गया. जांच में सामने आया कि यह हमला 6 दिसंबर (बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगांठ) को बड़े पैमाने पर अंजाम देने की साजिश का हिस्सा था. एनआईए ने जांच संभाल ली है, जबकि ईडी फंडिंग के पहलुओं की पड़ताल कर रही है.

 अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर AIU की बड़ी कार्रवाई

अल-फलाह यूनिवर्सिटी, जो 2014 में हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट के तहत स्थापित हुई, अब केंद्र में है. AIU ने 13 नवंबर को आधिकारिक पत्र जारी कर यूनिवर्सिटी की सदस्यता निलंबित कर दी. पत्र में कहा गया, "मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर अल-फलाह यूनिवर्सिटी अच्छी स्थिति में नहीं दिख रही. इसलिए सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती है." AIU ने यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया कि वह अपनी वेबसाइट और सभी गतिविधियों से AIU का लोगो तुरंत हटा ले. 

जांच में अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के चार डॉक्टर संदिग्ध पाए गए. डॉ. उमर नबी के अलावा, डॉ. मुजम्मिल शकील (पुलवामा), डॉ. शाहीन सईद (लखनऊ) और डॉ. निसार-उल-हसन को हिरासत में लिया गया. डॉ. मुजम्मिल के किराए के कमरों से विस्फोटक बरामद हुए, जबकि डॉ. शाहीन पर JeM की महिलाओं के विंग को भारत में स्थापित करने का आरोप है. यूनिवर्सिटी के बॉयज हॉस्टल के रूम नंबर 13 (बिल्डिंग 17) को साजिश का केंद्र बताया जा रहा है, जहां इन डॉक्टरों की मीटिंग्स होती थीं. यूनिवर्सिटी ने बयान जारी कर कहा, "ये डॉक्टर केवल कर्मचारी थे, संस्थान का इससे कोई लेना-देना नहीं. हम धमाके की निंदा करते हैं." हालांकि, पुलिस ने 52 डॉक्टरों से पूछताछ की है.