जेएनयू में विवादित नारों पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, एफआईआर दर्ज
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) कैंपस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर भड़काऊ नारे लगाए जाने की घटना पर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है.
नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) कैंपस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर भड़काऊ नारे लगाए जाने की घटना पर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है. बुधवार को वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में इस संबंध में गैर-संज्ञेय रिपोर्ट (एनसीआर) दर्ज की गई, जो बाद में कानूनी राय के आधार पर धारा 352 और 353 के तहत पंजीकृत हुई.
यह मामला 5 जनवरी 2026 को जेएनयू में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है, जहां छात्रों के एक समूह ने 2020 जेएनयू हमले की याद में विजिल रखी थी. इस दौरान वायरल वीडियो में कुछ छात्रों द्वारा "मोदी-शाह की कब्र खुदेगी" जैसे आपत्तिजनक और उत्तेजक नारे लगाए जाने का दावा किया गया. विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने यह कदम उठाया.
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 जानबूझकर अपमान करने और शांति भंग करने की मंशा से उकसावे से संबंधित है, जबकि धारा 353 सार्वजनिक उपद्रव पैदा करने वाले बयानों या अफवाहों से जुड़ी है. पुलिस ने बताया कि शिकायत की जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कार्रवाई होगी.
जेएनयू प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और ऐसे नारों को विश्वविद्यालय के आचार संहिता का उल्लंघन बताया है. प्रशासन ने छात्रों को चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ निलंबन, निष्कासन या स्थायी प्रतिबंध जैसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है.
यह घटना राजनीतिक विवाद को भी जन्म दे रही है. विभिन्न दलों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के बीच की बहस का मुद्दा बना दिया है. विश्वविद्यालय परिसर में शांति बनाए रखने और कानून का पालन सुनिश्चित करने की मांग जोर पकड़ रही है. पुलिस जांच से मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है.बता दें कि JNU कैंपस में पांच जनवरी को पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी हुई थी. इसका वीडियो सामने आने के बाद बवाल मच गया था.