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25-30 लाख में बिकते थे अंग, अपराध में डॉक्टर भी शामिल; दिल्ली पुलिस ने किया तस्करों के गिरोह का भंडाफोड़

Delhi Police Crime Branch: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने मानव अंगों की तस्करी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है. आरोपियों में डॉक्टर भी शामिल हैं. दावा किया जा रहा है कि आरोपी 25 से 30 लाख में मानव अंगों की तस्करी करते थे. सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. आइए, इस गैंग की पूरी कहानी जानते हैं.

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India Daily Live

Delhi Police Crime Branch: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने ह्यूमन ऑर्गन ट्रांसप्लांट रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. डीसीपी क्राइम ब्रांच अमित गोयल के मुताबिक, इंटरनेशनल ह्यूमन ऑर्गन ट्रांसप्लांट रैकेट के सिलसिले में ये गिरफ्तारी की गई है. इस रैकेट का मास्टरमाइंड एक बांग्लादेशी था. डोनर और रिसीवर दोनों ही बांग्लादेश से थे. हमने रसेल नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो मरीजों और डोनर की व्यवस्था करता था और ट्रांसप्लांट में शामिल महिला डॉक्टर को भी गिरफ्तार किया गया है. आगे की जांच जारी है. 

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने बताया कि ये इंटरनेशनल गैंग हर ट्रांसप्लांट के लिए 25-30 लाख रुपये लेता था. ये गैंग 2019 से ये पूरा रैकेट चला रहा था. गिरफ्तार की गई 50 साल की महिला डॉक्टर की किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में शामिल होने की आशंका थी. महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किए जाने के बाद मामले का खुलासा हुआ. महिला डॉक्टर पर पिछले कुछ वर्षों में 15-16 ऑपरेशन करने का आरोप है और महिला डॉक्टर को उसके पद से सस्पेंड कर दिया गया है.


इस मामले पर बात करते हुए, नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट सुनील बालियान ने कहा कि विजया कुमारी, अस्पताल में विजिटिंग कंसल्टेंट के रूप में काम करती थी और मरीजों को लाकर किडनी ट्रांसप्लांट करती थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि यथार्थ अस्पताल का कोई भी मरीज उन्हें नहीं दिया गया और पिछले तीन महीनों में उन्होंने केवल एक सर्जरी की है.