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इंटरनेशनल बॉर्डर पर तनाव के बीच हाई अलर्ट पर दिल्ली, इंडिया गेट का इलाका कराया गया खाली

पाकिस्तानी ड्रोन हमले की कोशिश को नाकाम करने के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है.

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Garima Singh

India-Pakistan conflict: पाकिस्तानी ड्रोन हमले की कोशिश को नाकाम करने के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद भारत के कई सीमावर्ती जिलों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, सायरन बजने लगे और ब्लैकआउट की स्थिति उत्पन्न हो गई. दिल्ली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इंडिया गेट जैसे प्रमुख स्थानों पर मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया और यातायात को नियंत्रित किया. 

दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'पुलिस सतर्क रहेगी और सक्रिय रहेगी. रात्रि निगरानी बढ़ा दी गई है. हम हर संवेदनशील इलाके में अतिरिक्त बल तैनात करेंगे. इसके साथ ही, दिल्ली सरकार ने अपने कर्मचारियों की छुट्टियों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. 

दिल्ली पुलिस की सक्रिय निगरानी

नई दिल्ली जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठकें किं. प्रमुख प्रतिष्ठानों पर अर्धसैनिक बलों सहित अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सभी 15 जिलों के डीसीपी अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं. सभी डीसीपी अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की सक्रिय रूप से निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने पहले ही ACP और SHO जैसे अपने अधिकारियों को जानकारी दे दी है. 

भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कड़ी निगरानी

मॉल, मेट्रो स्टेशन, बाजार, होटल, हवाई अड्डे और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा को और सख्त कर दिया गया है. पुलिस उपायुक्त (पूर्व) अभिषेक धानिया ने बताया, "आतंकवाद विरोधी उपायों के तहत, पुलिस ने मयूर विहार फेज-1 मेट्रो स्टेशन का गहन सुरक्षा निरीक्षण किया. इस दौरान, सीआईएसएफ कर्मियों को जानकारी दी गई और एक समन्वय बैठक आयोजित की गई. उन्होंने आगे कहा, "स्टेशन पर 41 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जो हर महत्वपूर्ण बिंदु पर निगरानी रखते हैं. प्रत्येक शिफ्ट में 7 पुरुष और 2 महिला CISF कर्मी चौबीसों घंटे कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात रहते हैं.'

तोड़फोड़-रोधी जांच और वाहन तलाशी

बम निरोधक दस्तों (बीडीएस) ने कई संवेदनशील स्थानों पर तोड़फोड़-रोधी जांच की. डीसीपी (दक्षिण-पश्चिम) सुरेन्द्र चौधरी ने कहा, "जिले की बीडीएस टीम ने पूरे जिले में सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मॉल, बाजार, होटल और महत्वपूर्ण स्थानों पर तोड़फोड़ विरोधी जांच की.