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सिसोदिया के बाद के. कविता को बेल, 5 महीने से जेल में हैं बंद

दिल्ली शराब घोटाले मामले में आरोपी BRS नेता के. कविता को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है. के कविता मार्च 2024 से जेल में हैं. के. कविता की तरफ से मुकुल रोहतगी ने बहस की.

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सिसोदिया के बाद के. कविता को बेल, 5 महीने से जेल में हैं बंद
Courtesy: Social Media

दिल्ली शराब घोटाले मामले में आरोपी  BRS नेता के. कविता को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है. के कविता की तरफ से मुकुल रोहतगी ने बहस की. मुकुल रोहतगी ने कहा कि चार्जशीट और शिकायत दर्ज की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि गवाही हो चुकी है, आरोप पत्र दाखिल हो चुका है. 

कोर्ट में मुकुल रोहतगी ने कहा कि ईडी को पांच महीने और सीबीआई मामले में चार महीने लगे. दोनों मामलों में गवाहों की कुल संख्या 493 है और दस्तावेजों की कुल संख्या करीब 50,000 पन्नों की है. वह एक पूर्व सांसद हैं और इस बात की कोई संभावना नहीं है कि वह न्याय से भागकर कहीं चली जाएंगी. सीबीआई और ईडी मामले में जांच पूरी हो चुकी है. देश छोड़कर भागने का कोई खतरा नहीं है. पहले इस मामले में मनीष सिसोदिया को जमानत मिल चुकी है.

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई-ईडी की आलोचना की

न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने सुनवाई के दौरान अभियोजन एजेंसी (सीबीआई/ईडी) की निष्पक्षता पर सवाल उठाया और कुछ आरोपियों को सरकारी गवाह बनाने के उनके चयन की आलोचना की. सुनवाई के दौरान जस्टिस गवई ने कहा कि अभियोजन पक्ष को निष्पक्ष होना चाहिए. खुद को दोषी ठहराने वाले व्यक्ति को गवाह बनाया गया है! कल आप अपनी मर्जी से किसी को भी चुन सकते हैं? आप किसी भी आरोपी को चुनकर नहीं रख सकते. यह कैसी निष्पक्षता है? 

मुकुल रोहतगी ने क्या कहा? 

के. कविता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने बताया कि मामले में सह-आरोपी मनीष सिसोदिया को जमानत मिल गई है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा आरोपपत्र और अभियोजन शिकायतें दायर की गई हैं. वह ईडी मामले में पांच महीने और सीबीआई मामले में चार महीने हिरासत में रह चुकी हैं. रोहतगी ने कहा कि निकट भविष्य में मुकदमा समाप्त होने की संभावना नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि वह एक पूर्व सांसद और विधान परिषद की वर्तमान सदस्य हैं और इसलिए, कोई संभावना नहीं है कि वह न्याय से भागकर कहीं और जाएंगी.

सबूत नष्ट करने के लिए अपना मोबाइल फोन बदलने के आरोप पर रोहतगी ने कहा कि उन्हें पहली बार मार्च 2024 में बुलाया गया था और चार महीने पहले फोन बदल दिया गया था. मनीष सिसोदिया मामले में फैसले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इसमें दो बातें कही गई हैं जमानत नियम है और जब सुनवाई में देरी हो रही हो तो जमानत पर विचार किया जाना चाहिए.

'फोन को फॉर्मेट किया गया'

सीबीआई और ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि जब उन्हें बुलाया गया तो पाया गया कि उनके फोन को इस तरह से फॉर्मेट किया गया था कि उससे सभी कॉल रिकॉर्ड, फेसटाइम डेटा आदि मिट गए थे. इस पर न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने कहा कि फोन एक निजी चीज है, क्या कोई किसी के साथ विवरण साझा करेगा? लोग संदेश हटा देते हैं. मुझे ग्रुप संदेशों को हटाने की आदत है. 

रोहतगी ने कहा कि ये सभी गवाह सरकारी गवाह बन चुके हैं और सरकारी गवाह बनने से पहले उनके बयानों में कविता का नाम नहीं था. रोहतगी ने कहा कि इन सभी बयानों पर अरविंद केजरीवाल को जमानत देने वाले आदेश में चर्चा की गई है. रोहतगी ने कहा, आप कहते हैं कि केजरीवाल सरगना हैं, कहते हैं कि सिसोदिया सरगना हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी गवाहों के इन दागी बयानों के अलावा कोई और सबूत नहीं है.