चक्रवात अर्नब से आंध्र में भारी तबाही, CM नायडू ने अमित शाह से मांगी मदद; केंद्रीय टीम भेजने की अपील
चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी नुकसान पहुंचाया है. छह जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.
अमरावती: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है. छह जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है, सैकड़ों घर और बिजली के खंभे धराशायी हो गए हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर तत्काल केंद्रीय सहायता मांगी है.
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में केंद्र से आग्रह किया है कि चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द से जल्द एक केंद्रीय टीम आंध्र प्रदेश भेजी जाए, ताकि नुकसान का सही आंकड़ा लगाया जा सके और राहत-पुनर्वास में तेजी लाई जा सके.
14 जिलों में NDRF-SDRF तैनात
CM नायडू ने पत्र में बताया कि सरकार ने तूफान से पहले ही एडवांस तैयारियां कर ली थीं, जिसकी वजह से अब तक किसी भी तरह की जनहानि की खबर नहीं है, जो एक बड़ी राहत है. राहत और बचाव कार्य के लिए 14 जिलों में 16 NDRF और 11 SDRF की टीमों को तैनात किया गया है.
चक्रवात प्रभावित इलाकों से 28,000 से अधिक लोगों को निकालकर पुनर्वास केंद्रों में शिफ्ट किया गया है, जहां उनके रहने, खाने और दवाओं की व्यवस्था की गई है. सभी जिलों में कंट्रोल रूम और राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) 24 घंटे काम कर रहे हैं.
6 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित
मुख्यमंत्री के मुताबिक, कोनसीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, अनाकापल्ली और कृष्णा जिले चक्रवात से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. इन जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश से धान और अन्य खरीफ फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. सड़कें टूट गई हैं, कई जगह बिजली आपूर्ति ठप है और सैकड़ों कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है.
सरकार ने प्राथमिकता के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति बहाल करने का काम शुरू कर दिया है. सड़कों से गिरे पेड़ों और मलबे को हटाया जा रहा है.
केंद्र को भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
CM नायडू ने कहा कि राज्य सरकार नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही है. जमीनी स्तर पर सर्वे पूरा होने के बाद एक व्यापक रिपोर्ट (मेमोरेंडम) केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी. तब तक केंद्र NDRF और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग जारी रखे. उन्होंने तूफान के दौरान केंद्र की ओर से मिल रहे निरंतर सहयोग के लिए केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह का आभार भी जताया.
क्यों अहम है केंद्रीय टीम?
नियमानुसार, जब किसी राज्य में प्राकृतिक आपदा से भारी नुकसान होता है, तो केंद्रीय टीम मौके पर जाकर नुकसान का आकलन करती है. इसी रिपोर्ट के आधार पर केंद्र राज्य को SDRF और NDRF फंड से अतिरिक्त सहायता राशि जारी करता है. CM नायडू इसी प्रक्रिया को तेज करने के लिए केंद्रीय टीम को जल्द बुलाना चाहते हैं, ताकि किसानों और प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा मिल सके.