पिता आजादी के सिपाही, यूथ कांग्रेस से राजनीति शुरू; 350 करोड़ वाले धीरज साहू की कहानी?
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू के झारखंड और ओडिशा वाले ठिकानों से अब तक इनकम टैक्स विभाग ने 300 करोड़ रुपये से अधिक कैश बरामद किया है. आयकर विभाग की इस छापेमारी के दौरान विभाग को अलमारी में करोड़ों रुपये कैश मिले.
congress mp dhiraj sahu political career income tax raid: पिता राय साहब बलदेव साहू आजादी की लड़ाई के सिपाही रहे हैं, लेकिन बेटे के घर से करोड़ों रुपये का कैश बरामद किया गया है. साल 1977 में यूथ कांग्रेस से राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद चर्चा में हैं. आयकर विभाग ने धीरज साहू के ओडिशा और झारखंड में अलग-अलग ठिकानों से अब तक 300 करोड़ रुपये से अधिक कैश बरामद किया है.
धीरज साहू तीसरी बार झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद हैं. धीरज साहू सबसे पहले 2009 में राज्य सभा सांसद बने थे. जुलाई 2010 में झारखंड से वे दोबारा राज्यसभा सांसद चुने गए. तीसरी बार मई 2018 में वे झारखंड से ही राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुए. 2018 में राज्यसभा चुनाव के लिए जब धीरज साहू ने नॉमिनेशन फाइल किया, तब उन्होंने अपने हलफनामे में अपनी कुल संपत्ति करीब 35 करोड़ रुपये बताई थी. अब इनकम टैक्स विभाग ने उनके ठिकानों पर छापेमारी कर घोषित संपत्ति से 10 गुना अधिक की रकम कैश में बरामद की है.
कौन हैं अकूत बेनामी कैश के मालिक धीरज साहू?
धीरज साहू का पूरा नाम धीरज प्रसाद साहू है. 23 नवंबर 1955 को धीरज साहू का जन्म राय साहब बलदेव साहू और सुशीला देवी के घर में हुआ था. रांची में जन्मे धीरज साहू तीसरी बार राज्यसभा के सांसद हैं. धीरज साहू ने अपनी वेबसाइट में जो ब्योरा दिया है, उसके मुताबिक, वे कारोबारी परिवार से संबंध रखते हैं. हालांकि उनके पिता ने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी. आजादी के बाद से ही उनका परिवार कांग्रेस का सदस्य रहा है.
धीरज साहू ने रांची के मारवाड़ी कॉलेज से बीए किया है. पढ़ाई के दौरान ही धीरज साहू ने 1977 में यूथ कांग्रेस से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. धीरज साहू के भाई शिव प्रसाद साहू रांची से कांग्रेस के टिकट पर दो बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं.