Akhilesh Yadav: MP की खजुराहो सीट BJP के लिए बनेगी चुनौती, कांग्रेस ने ढूंढ निकाला काट

Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच यूपी में गठबंधन का ऐलान हो गया है. कांग्रेस यूपी में 17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी वहीं बाकी लोकसभा सीटों पर सपा सहयोगी दल के उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे. वहीं कांग्रेस ने सपा के लिए मध्य प्रदेश की खजुराहो लोकसभा सीट छोड़ा है.

India Daily Live

Lok Sabha Election 2024: कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है. तय किये गए फॉर्मूले के मुताबिक कांग्रेस पार्टी यूपी की 11 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, वहीं बाकी 63 सीटों पर सपा और सहयोगी दल चुनाव लड़ेंगे. दोनों पार्टियों ने यूपी के अलावा मध्य प्रदेश में भी मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. कांग्रेस ने सपा को मध्य प्रदेश की खजुराहो सीट दी है. ऐसे में इस सीट पर सपा उम्मीदवार चुनावी किस्मत आजमाएंगे. 

खजुराहो लोकसभा सीट से मौजूदा समय में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा सांसद है. ऐसे में यह सीट इंडिया गठबंधन के तहत सपा के खाते में जाने से चुनावी जंग रोचक होने की उम्मीद है. खजुराहो  सीट पर समाजवादी पार्टी उम्मीदवार खड़ा करेगी, जबकि बाकी मध्य प्रदेश की 25 लोकसभा  सीटों पर कांग्रेस का सपा का समर्थन करेगी. बीते कुछ महीने पहले से ही सपा ने खजुराहो सीट पर चुनावी तैयारियां शुरू कर दी थी. ऐसे में यूपी के अलावा इस सीट पर अखिलेश यादव पूरे दमखम के साथ चुनाव प्रचार करते हुए नजर आएंगे.

खजुराहो सीट पर सपा की दावेदारी की वजह 

सियासी हलकों में चल रही चर्चाओं की मानें तो सपा ने खजुराहो के साथ-साथ टीकमगढ़ लोकसभा सीट पर अपनी दावेदारी पेश की थी, क्योंकि दोनों ही लोकसभा सीटें यूपी से सटी हुई हैं. सपा का दावा है कि इस सीट पर उनकी पार्टी का जनाधार चुनावी हार-जीत में कारगर भूमिका निभा सकता है. अलग-अलग समय पर खजुराहो संसदीय सीट पर बीजेपी और कांग्रेस का कब्जा रहा है. फिलहाल बीते कई चुनावों से यह सीट बीजेपी के गढ़ के रूप में तब्दील हो गई है. पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी की फायरब्रांड नेता उमा भारती इस सीट से चार बार सांसद रही हैं.


खजुराहो लोकसभा सीट अखिलेश के PDA फार्मूले की दिखेगी झलक 

खजुराहो लोकसभा सीट पर चतुर्वेदी परिवार का हमेशा से दबदबा रहा है. साल 1984 में भी विद्यावती सांसद चुनी गई थी. विद्यावती चतुर्वेदी के बाद इस सीट से उनके बेटे सत्यव्रत चतुर्वेदी सांसद चुने गए. मां-बेटे ने यहां से कई बार विधानसभा के साथ लोकसभा सीट पर जीत का परचम लहराया. इस सीट पर पिछड़ा वर्ग चुनावी नतीजे को प्रभावित करने में बड़ी भूमिका निभाता रहे है. अभी तक के चुनावी इतिहास के मुताबिक इस सीट से पिछडे़ वर्ग का उम्मीदवार आसानी से जीतता आ रहा है. ऐसे में अखिलेश यादव पीडीए फार्मूले के तहत चुनावी चक्रव्यूह की योजना-रचना तैयार कर रहे है. उम्मीद है कि खजुराहो सीट पर सपा पिछड़े समाज के किसी बड़े नेता को चुनावी मैदान में उताकर चुनावी लड़ाई को रोचक बना सकती है.