तेलंगाना में कांग्रेस-बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हुआ बवाल, जमीन विवाद में नेता जी के कार को पलटा
तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प देखने को मिला है. यहां तक की झड़प के दौरान नेता जी के कार को भी पलट दिया गया.
तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में राजनीतिक तनाव उस वक्त चरम पर पहुंच गया, जब कांग्रेस और भाजपा के समर्थकों के बीच हिंसकर झड़प शुरू हो गई. यह विवाद राज्य सरकार के सलाहकार मोहम्मद अली शब्बीर और बीजेपी विधायक के. वेंकट रमना रेड्डी के बीच बयानबाजी से शुरू हुई.
देखते ही देखते दोनों गुटों के बीच तनाव बढ़ गया. जिसके कारण पुलिस को स्थिति कंट्रोल करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा. इस मामले ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है. दोनों गुट एक दूसरे पर जमकर आरोप लगा रहे हैं.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
पूर्व सरपंच और कांग्रेस नेता गिरी रेड्डी महेंद्र रेड्डी अपने दर्जनों समर्थकों के साथ कामारेड्डी शहर में बीजेपी विधायक के कैंप कार्यालय के पास पहुंचे. इसके बाद 'विधायक डाउन-डाउन' जैसे नारे लगाने लगे. वहां मौजूद लोगों के मुताबिक पहले हल्की धक्का-मुक्की शुरू हुई और फिर झड़प देखते ही देखते एक हिंसक रुप ले लिया.
इस दौरान कांग्रेस नेता महेंद्र रेड्डी की कार को पलट दिया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो फुटेज में पुलिसकर्मी भीड़ को खदेड़ते और हालात संभालने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं . हालांकि पुलिस का कहना है कि किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है और स्थिति को काबू में कर लिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि यह पूरा मामला एक जमीन से जुड़ा है . राज्य सरकार के सलाहकार मोहम्मद अली शब्बीर ने बीजेपी विधायक के. वेंकट रमना रेड्डी पर आरोप लगाया कि उन्होंने संबंधित जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है . शब्बीर के इस बयान पर विधायक रेड्डी ने पलटवार करते हुए खुली बहस की चुनौती दी . उन्होंने कहा कि सारे आरोप निराधार हैं और वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं .
कांग्रेस पक्ष का दावा है कि बीजेपी विधायक की दादागिरी से स्थानीय लोग परेशान हैं, जबकि बीजेपी ने इसे कांग्रेस की साजिश करार दिया. कामारेड्डी के पुलिस अधीक्षक राजेश चंद्र ने बताया कि घटना की जांच करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है. वहीं इलाके की स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है .