कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके को शनिवार, 17 अक्टूबर को भारी सुरक्षा के बीच दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया. दिल्ली पुलिस ने उन्हें शुक्रवार को प्रस्तावित तिरंगा रैली से पहले हिरासत में लिया था. उनकी पार्टी ने हिरासत की वैधता पर सवाल उठाते हुए रिहाई की मांग की है.
CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने एक्स पर कहा कि दीपके को केवल लोगों से राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील करने के लिए हिरासत में लिया गया. उन्होंने मजिस्ट्रेट से दीपके को रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि तिरंगा फहराने की अपील करना अपने आप में अपराध कैसे हो सकता है?
VIDEO | Delhi: CJP leader Abhijeet Dipke produced before Special Executive Magistrate court. Tight security at Mandir Marg Police Station. #DelhiNews #CJP #AbhijeetDipke (Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) https://t.co/gU4eiWR2eJ
— Press Trust of India (@PTI_News) October 17, 2026
रत्ना सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि दीपके को उनके घर के बाहर से हिरासत में लिया गया और उनके ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई. उन्होंने दावा किया कि वकीलों को भी उनसे मिलने नहीं दिया गया. सिंह के मुताबिक, ये परिस्थितियां कानूनी प्रक्रिया और मौलिक अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं.
दिल्ली पुलिस ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले दीपके को हिरासत में लिया था. पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत इलाके में सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगाया था.
पुलिस के अनुसार, बार-बार घोषणा करके लोगों को एकत्र न होने की चेतावनी दी गई थी. इसके बावजूद कनॉट प्लेस में लोग जुटे. अधिकारियों ने कहा कि प्रतिबंधों का बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस ने दीपके के खिलाफ BNSS की धाराओं 126 और 170 के तहत एक नए मामले में निवारक कार्रवाई शुरू की. यह मामला 10 अक्टूबर की उस कार्रवाई से अलग है, जब उन्हें विमान से यात्रा करते समय हिरासत में लिया गया था. उस मामले में उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने का बांड भरने को कहा गया था.
यह कार्रवाई चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के बीच हुई. अधिकारियों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस ने करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया और प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन को लेकर कई प्राथमिकी दर्ज कीं.
CJP के सदस्य अजिंक्य शिंदे ने एक्स पर दावा किया कि पार्टी के दो अन्य सदस्य आशुतोष रांका और सौरव दास पांच दिनों से हिरासत में हैं. उन्होंने लिखा कि तिरंगा लहराना अपराध नहीं है. हालांकि, इन दावों पर पुलिस का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है.
अभिनेता प्रकाश राज ने एक वीडियो जारी कर युवाओं को राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रदर्शन करने पर हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाया. उन्होंने केंद्र सरकार के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का जिक्र करते हुए पूछा कि जब लोगों को तिरंगा फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, तो ऐसा करने वाले युवाओं के खिलाफ कार्रवाई क्यों की जा रही है.
प्रकाश राज ने कहा कि देश में राजनीतिक बदलाव संविधान और लोकतांत्रिक तरीकों से होना चाहिए. उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन और मतदान को बदलाव के रास्ते बताया. साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग न करने और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की अपील की.