'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की थी पाकिस्तान की मदद', चीन ने पहली बार किया स्वीकार
चीन की सरकारी मीडिया CCTV का हवाला देते हुए SCMP ने कहा कि पिछले साल भारत पाकिस्तान संघर्ष के दौरान चीन ने पाकिस्तान को मौके पर तकनीकी सहायता प्रदान की थी.
चीन ने पहली बार इस बात की पुष्टि की है कि उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ पाकिस्तान की मदद की थी. चीन की सरकारी मीडिया CCTV का हवाला देते हुए SCMP ने कहा कि पिछले साल भारत पाकिस्तान संघर्ष के दौरान चीन ने पाकिस्तान को मौके पर तकनीकी सहायता प्रदान की थी. रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी ने गुरुवार को चीन के विमानन उद्योग निगम के चेंगदू विमान डिजाइन और अनुसंधान संस्थान के इंजीनियर झांग हेंग का एक इंटरव्यू ऑन एयर किया जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले साल मई में चार दिनों तक चले संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी सहायता प्रदान की थी. यह संघर्ष पहलगाम आतंकी हमले के बाद 7 मई 2025 को भारद द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुआ था.
इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में बने आतंकी ढांचों को ध्वस्त किया गया था. भारत सरकार ने इसे लक्षित सैन्य ऑपरेशन बताया था जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे.
बता दें कि पाक सेना चीन द्वारा बनाए गए J-10CE लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करती है जिनका उत्पादन AVIC की सहायक कंपनी द्वारा किया जाता है. संघर्ष के दौरान चीन के एक अधिकारी ने दावा किया कि ऐसे एक लड़ाकू विमान ने भारत के लड़ाकू विमान को मार गिराया था. रिपोर्ट के अनुसार, जब चीन के लड़ाकू विमान ने दुश्मन के विमान को मार गिराया था.
हालांकि भारतीय सेना ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने किसी भी विमान को खोने की खबरों का खंडन कर चुकी है.
झांग ने सीसीटीवी को बताया कि सहायता दल ने युद्धकालीन कठिन परिस्थितियों में काम किया.
उन्होंने कहा कि सहायता केंद्र पर हमें अक्सर लड़ाकू विमानों के उड़ान भरने की गर्जना और हवाई हमले के सायरन की लगातार आवाज सुनाई देती थी. मई के महीने में सुबह होते-होते तापमान 50 डिग्री तक पहुंच जाता था. यह हमारे लिए मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से कठिन परीक्षा थी.
झांग ने आगे कहा कि यह केवल J-10CE की पहचान नहीं थी बल्कि यह हमारे बीच कंधे से कंधा मिलाकर दिन रात काम करने से बने गहरे संबंधों का भी प्रमाण था.
चेंगदू विमान डिजाइन और अनुसंधान संस्थान के एक अन्य इंजीनियर जू दा ने भी संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को समर्थन देने की अपनी भूमिका का जिक्र किया. जू ने एक बच्चे से लड़ाकू विमान की तुलना करते हुए कहा, 'हमने इसे पाला-पोसा, इसकी देखभाल की और अंत में इसे उपयोगकर्ता (पाकिस्तान) को सौंप दिया और अब यह एक बड़ी परीक्षा का सामना कर रहा था.'
उन्होंने कहा कि हमें युद्ध में विमान के प्रदर्शन पर कोई आश्चर्य नहीं हुआ. जू ने कहा, 'दरअसल, यह होना ही था. विमान को बस अवसर की जरूरत थी और जब वह क्षण आया तो इसने ठीक वैसा ही प्रदर्शन किया जैसा हम जानते थे.'