'वक्फ बोर्ड की शक्तियों को छीनना चाहती है मोदी सरकार', क्यों डरे हैं AIMIM चीफ ओवैसी?
AIMIM Chief on Waqf Board: केंद्र सरकार अगले हफ्ते वक्फ अधिनियम में संशोधन करने वाला विधेयक संसद में ला सकती है. इस पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी है. ओवैसी ने कहा कि इस बिल के जरिए मोदी सरकार वक्फ बोर्ड की शक्तियों को छीनना चाहती है. यह धर्म की स्वतंत्रता के खिलाफ है. कार्यपालिका आज न्यायपालिका की शक्ति छीनने का प्रयास कर रही है.
AIMIM Chief on Waqf Board: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर शक्तियों को कम करने के लिए एक विधेयक लाने की केंद्र की योजना पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है. ओवैसी ने कहा कि बिल के जरिए मोदी सरकार वक्फ बोर्ड की शक्तियों को कम करना चाहती है. यह धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है.
उन्होंने कहा कि जब संसद सत्र में होती है तो केंद्र सरकार संसदीय सर्वोच्चता और विशेषाधिकारों के खिलाफ काम कर रही है . वह मीडिया को तो बता रही है लेकिन संसद में कुछ नहीं कह रही है. मैं कह सकता हूं कि इस प्रस्तावित संशोधन के बारे में मीडिया में जो कुछ भी लिखा गया है, उससे पता चलता है कि मोदी सरकार वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता छीनना चाहती है और इसमें हस्तक्षेप करना चाहती है.
धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ
AIMIM चीफ ने कहा कि यह अपने आप में धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है. दूसरी बात यह है कि भाजपा शुरू से ही इन बोर्डों और वक्फ संपत्तियों के खिलाफ रही है और उनका अपना हिंदुत्व का एजेंडा है. अब अगर आप वक्फ बोर्ड की स्थापना और संरचना में संशोधन करते हैं, तो प्रशासनिक अराजकता होगी, वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म होगी.
सर्वेक्षण का मतलब?
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि विवादित संपत्ति का सर्वेक्षण कराया जाएगा. सर्वेक्षण का मतलब हम जानते हैं. यह सर्वेक्षण भाजपा, सीएम द्वारा किया जाएगा और आप जानते हैं कि इसका परिणाम क्या होगा. हमारे भारत में कई ऐसी दरगाहें हैं जहां भाजपा-आरएसएस दावा करते हैं कि वे दरगाह और मस्जिद नहीं हैं. कार्यपालिका न्यायपालिका की शक्ति छीनने की कोशिश कर रही है.
अगले हफ्ते आएगा बिल
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड की शक्तियों को प्रतिबंधित करने के लिए वक्फ अधिनियम में संशोधन करने के लिए तैयार है. रिपोर्ट के अनुसार, संशोधनों का उद्देश्य किसी भी संपत्ति को 'वक्फ संपत्ति' के रूप में नामित करने के बोर्ड के अधिकार को रोकना है. यह बिल अगले हफ्ते में संसद में पेश किए जाने की संभावना है.