शनिवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में 2 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी. इस फैसले से लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा. हालांकि, कर्मचारी संघ इस बढ़ोतरी को केवल एक छोटी राहत मान रहे हैं. उनकी मांग है कि 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन संरचना में बड़े पैमाने पर सुधार किया जाए. इस बीच, सरकार ने समुद्री क्षेत्र के लिए एक नए कोष को भी हरी झंडी दिखाई है.
केंद्र सरकार ने यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से प्रभावी मानी है. इससे पहले अक्टूबर 2025 में DA को 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया गया था. अब नए 2 प्रतिशत के इजाफे के बाद यह 60 प्रतिशत हो गया है. कर्मचारियों को इसका लाभ बकाया के साथ मिलेगा. वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह बढ़ोतरी मुद्रास्फीति के दबाव को कम करने में मदद करेगी. हालांकि, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि मौजूदा महंगाई दर को देखते हुए कम से कम 4-5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होनी चाहिए थी. राष्ट्रीय परिषद (NC-JCM) ने फिटमेंट फैक्टर 3.83 की सिफारिश की है, जिससे न्यूनतम मूल वेतन 18 हजार से बढ़कर लगभग 69 हजार रुपये हो सकता है.
कर्मचारी संघों ने DA बढ़ोतरी का स्वागत तो किया है, लेकिन इसे अपर्याप्त बताया है. ऑल इंडिया सेंट्रल सिविल सर्विसेज एसोसिएशन के एक प्रतिनिधि ने कहा कि यह केवल एक औपचारिक राहत है. उनकी मांग है कि 8वें वेतन आयोग की स्थापना जल्द से जल्द हो. इसके अलावा, परिवार की परिभाषा में आश्रित माता-पिता को शामिल करने, वेतन विसंगतियों को दूर करने और महंगाई से जुड़े भत्तों में संशोधन की भी मांग उठ रही है. संघों का कहना है कि जब तक न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये से कम है, कर्मचारी संतोष महसूस नहीं करेंगे. हालांकि, सरकार का कहना है कि क्रमिक सुधारों की नीति के तहत यह बढ़ोतरी की गई है.
मंत्रिमंडल ने एक और ऐतिहासिक फैसले में 13 हजार करोड़ रुपये के सॉवरेन मैरीटाइम फंड (Sovereign Maritime Fund) के गठन को मंजूरी दी. इस कोष का उद्देश्य भारतीय झंडे वाले जहाजों को सस्ती बीमा सुविधा उपलब्ध कराना है. अभी तक भारतीय जहाज मालिकों को विदेशी बीमा कंपनियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे लागत अधिक आती थी. नए कोष से न केवल समुद्री क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि विदेशी बीमाकर्ताओं पर निर्भरता भी कम होगी. यह कदम भारत को वैश्विक समुद्री शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि DA में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी से बाजार में लगभग 10 हज़ार करोड़ रुपये की अतिरिक्त क्रय शक्ति आएगी, जो अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है. हालांकि, कर्मचारी वेतन आयोग की अन्य सिफारिशों पर जल्द निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं. सरकार ने संकेत दिए हैं कि 2026 के मध्य तक 8वें वेतन आयोग पर ठोस निर्णय संभव है. फिलहाल, यह DA बढ़ोतरी त्योहारी सीजन से पहले कर्मचारियों के लिए एक छोटी सौगात मानी जा रही है, जबकि समुद्री कोष को दीर्घकालिक सुधारों की नींव के रूप में देखा जा रहा है.