BRICS में दिग्गजों का जमावड़ा, किस नेता का स्वागत करने कौन पहुंचा? PM मोदी की मुलाकातों पर भी नजर
दिल्ली में होने वाली ब्रिक्स समिट के लिए दुनिया के कई बड़े नेता भारत पहुंच रहे हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से लेकर दक्षिण अफ्रीका के सिरिल रामाफोसा और ईरान के मसूद पेजेश्कियान तक कई नेताओं की मौजूदगी खास रहने वाली है.
नई दिल्ली: दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स समिट का आयोजन होने जा रहा है. सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों के नेता भारत पहुंच रहे हैं. शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा दिल्ली पहुंचे. अलग-अलग देशों के इन मेहमानों के स्वागत के लिए भारत सरकार के कई मंत्री एयरपोर्ट पर मौजूद रहे. सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कई नेताओं से अहम बातचीत भी होगी.
पुतिन का स्वागत कीर्तिवर्धन सिंह ने किया
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच चुके हैं. एयरपोर्ट पर विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया. पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक भी होनी है. इस मुलाकात के दौरान ब्रह्मोस से जुड़े संभावित समझौते को लेकर भी चर्चा होने की उम्मीद है. रूस ब्रिक्स के संस्थापक सदस्यों में शामिल है और भारत के साथ उसके संबंधों को देखते हुए पुतिन की यात्रा पर खास नजर है.
शी जिनपिंग की यात्रा से रिश्तों पर नजर
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को भारत पहुंचेंगे. वह करीब सात साल बाद भारत आ रहे हैं. 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव रहा है. ऐसे समय में जिनपिंग की भारत यात्रा को अहम माना जा रहा है. चीन और रूस के साथ भारत ब्रिक्स के संस्थापक सदस्यों में शामिल है. जिनपिंग के दौरे में प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय मुलाकात भी महत्वपूर्ण रहेगी.
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रामाफोसा से पेजेश्कियान तक खास मेहमान
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा दिल्ली पहुंच चुके हैं. एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने उनकी अगवानी की. वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान भी भारत पहुंचे हैं. 2024 में ब्रिक्स में शामिल हुआ ईरान अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव के बीच इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहा है. पेजेश्कियान का स्वागत शांतनु ठाकुर ने किया.
मिस्र और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति भी पहुंचेंगे
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी शुक्रवार शाम पालम एयरपोर्ट पहुंचेंगे. इससे पहले वह 2023 में भारत आ चुके हैं और गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुए थे. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो भी शुक्रवार शाम भारत पहुंचने वाले हैं. उनके रात 9 बजे पालम एयरपोर्ट पहुंचने की जानकारी है. भारत और इंडोनेशिया के बीच पुराने सभ्यतागत संबंध रहे हैं, इसलिए उनकी यात्रा को भी अहम माना जा रहा है.
कई देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली भी ब्रिक्स समिट में शामिल हो रहे हैं और उनकी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात होगी. मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भी भारत आएंगे. सऊदी अरब की ओर से प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद मौजूद रहेंगे. अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा का स्वागत एस. जयशंकर ने किया.
ब्रिक्स का तेजी से बढ़ा दायरा
इन नेताओं के अलावा युगांडा और नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति, क्यूबा और बेलारूस के विदेश मंत्री भी मौजूद रहेंगे. वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग और कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट टोकाएव भी सम्मेलन में शामिल होंगे. ब्रिक्स के मूल सदस्य भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका थे. 2024 में सऊदी अरब, ईरान, यूएई, मिस्र, इंडोनेशिया और इथियोपिया जुड़े. इसके बाद बेलारूस, बोलिविया, कजाखस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाइलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम भी समूह में शामिल हुए.