महायुति के सिर पर सजा मुंबई का ताज, 28 साल बाद ढहा ठाकरे परिवार का किला

बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है. वहीं शिवसेना (यूबीटी) को इस चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. इसी के साथ मुंबई में पहली बार बीजेपी-सेना का मेयर बनने जा रहा है.

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Sagar Bhardwaj

बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है. वहीं शिवसेना (यूबीटी) को इस चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. इसी के साथ मुंबई में पहली बार बीजेपी-सेना का मेयर बनने जा रहा है. 

देवेंद्र फडणवीस की लीडरशिप में बीजेपी ने अपने 2017 की सर्वोच्च सीटों की संख्या 82 को पार करते हुए बीएमसी के 227 वार्डों में 90 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है या वह लीड कर रही है. वहीं उसकी सहयोगी शिवसेना 28 सीटों पर आगे है, जिसके दम पर इस गठबंधन ने आधी सीटों की संख्या के आंकड़े 114 को पार कर लिया है.

63 सीटों पर आगे चल रही शिवसेना

वहीं दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे की शिवसेना 63 सीटें जीत चुकी है या इन पर आगे चल रही है जो 2017 में उसकी गैरविभाजित पार्टी को मिली 84 सीटों से काफी पीछे है. ये परिणाम बता रहे हैं कि अपने कार्यकर्ताओं का एक वर्ग और अपना चुनाव चिह्न खोने के बादजूद ठाकरे की विरासत अभी खत्म नहीं हुई है.

बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है. वहीं शिवसेना (यूबीटी) को इस चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. इसी के साथ मुंबई में पहली बार बीजेपी-सेना का मेयर बनने जा रहा है.

'हिंदुत्व के एजेंडे को साफ जनादेश'

महाराष्ट्र के मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे ने शुक्रवार को कहा कि बीएमसी के चुनावों में बीजेपी-शिवसेना की मजबूती चुनाव प्रचार के दौरान उनके हिदुत्व के एजेंडे को साफ जनादेश है. शुरुआती रुझानों पर राणे ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'जो हिंदुत्व की बात करेगा वो महाराष्ट्र पर राज करेगा. जय श्री राम.'