‘सेक्स के बदले नंबर’ का आरोप: JNU के बर्खास्त प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद के खिलाफ BJP का जोरदार प्रदर्शन
JNU की 11 छात्राओं की शिकायतों के बाद बर्खास्त प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद आंगोमचा बिमोल अकाइजाम के खिलाफ BJP ने प्रदर्शन किया. वहीं सांसद ने आरोपों को खारिज कर बर्खास्तगी को राजनीतिक साजिश बताया.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के बर्खास्त प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद आंगोमचा बिमोल अकाइजाम के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को दिल्ली में प्रदर्शन किया. BJP नेताओं ने कांग्रेस पर अपने सांसद को बचाने का आरोप लगाया और राहुल गांधी से इस मामले में जवाब देने की मांग की. वहीं, अकाइजाम ने आरोपों को खारिज करते हुए अपनी बर्खास्तगी को राजनीतिक साजिश बताया है.
BJP ने कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरा
प्रदर्शन के दौरान BJP नेताओं ने अकाइजाम और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों ने ‘सेक्स के बदले नंबर’ लिखी तख्तियां भी दिखाईं. BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने NDTV से बातचीत में राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि कांग्रेस के मौजूदा सांसद के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है.
11 छात्राओं की शिकायतों का मामला
BJP सांसद तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस 11 छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में अपने सांसद का बचाव कर रही है. BJP प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने भी कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया और राहुल गांधी से इस मुद्दे पर बोलने तथा कार्रवाई करने की मांग की. खेड़ा 2024 में कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हुई थीं.
JNU ने 9 अक्टूबर को किया बर्खास्त
मणिपुर से लोकसभा सांसद आंगोमचा बिमोल अकाइजाम JNU के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में प्रोफेसर थे. विश्वविद्यालय ने यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच के बाद 9 अक्टूबर को उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया. इस साल मई में कम से कम 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं.
छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप
शिकायतों के अनुसार, प्रोफेसर कथित तौर पर बैठकों या अनौपचारिक आयोजनों के बहाने छात्राओं को अपने आवास पर बुलाते थे और उनके साथ अनुचित व्यवहार करते थे. कुछ छात्राओं ने कक्षा में अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का भी आरोप लगाया.
आरोपों के मुताबिक, वह छात्राओं से उनके प्रेम संबंधों और निजी जीवन से जुड़े सवाल पूछते थे. इनमें यह पूछना भी शामिल था कि क्या उनका कोई बॉयफ्रेंड है और वे उसके साथ क्या करती हैं. हालांकि, ये सभी आरोप हैं, जिन्हें सांसद ने नकारा है.
आंतरिक समिति की जांच में क्या सामने आया?
JNU की आंतरिक शिकायत समिति ने अपनी जांच में यौन संकेत देने वाली बातचीत, अनचाहे शारीरिक संपर्क, यौन रूप से स्पष्ट फिल्म दिखाने, जरूरत से ज्यादा शारीरिक निकटता और छात्राओं के साथ अनुचित अनौपचारिक व्यवहार जैसे आरोपों को सही पाया.
समिति के अनुसार, विस्तृत जांच में उपलब्ध साक्ष्यों ने शिकायतों की काफी हद तक पुष्टि की. पैनल ने कहा कि सामने आया व्यवहार शिक्षक और छात्र के संबंध में अपेक्षित पेशेवर मर्यादाओं के अनुरूप नहीं था.
शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया कि प्रोफेसर ने ‘क्विकी’ जैसे शब्दों के अर्थ समझाते हुए यौन संबंधों का अनुचित तरीके से जिक्र किया. इन आरोपों के आधार पर विश्वविद्यालय ने उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की.
अकाइजाम ने बर्खास्तगी को बताया ‘विच हंट’
अकाइजाम ने अपनी बर्खास्तगी को ‘विच हंट’ यानी निशाना बनाकर की गई कार्रवाई बताया. उनका आरोप है कि उन्हें समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों की जानकारी नहीं दी गई तथा अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर भी नहीं मिला.
उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़े POSH कानून, 2013 का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि क्या मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया. उन्होंने ‘सेक्स के बदले नंबर’ मांगने के आरोपों को भी खारिज किया और आरोप लगाने वालों से सबूत पेश करने की चुनौती दी.
दिल्ली पुलिस ने भी दर्ज किया मामला
खबर के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने सोमवार को अकाइजाम के खिलाफ यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा का अपमान करने से संबंधित आरोप लगाए. सांसद ने कहा कि मणिपुर की जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना है और कोई भी उन्हें उसकी आवाज उठाने से नहीं रोक सकता.